ओटीपी नंबर पूछकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले मुख्य सरगना को कुल्लू पुलिस ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने भारत में जगह-जगह पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की है। कुल्लू जिले में आरोपी ने 10 लाख की ठगी को अंजाम दिया था। लगातार दूसरे दिन पुलिस की गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है।
मामले में पहले ही झारखंड और पश्चिम बंगाल के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुल्लू पुलिस जिले में हुई ऑनलाइन ठगी के मामलों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने बारी-बारी से ठगी की घटना को अंजाम देने वाले शातिरों को पकड़ा। दो दिन पहले ही पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा था। आरोपियों से पूछताछ करने पर पाया कि अभिषेक कुमार सिंह पुत्र प्रदीप कुमार सिंह निवासी वर्धमान, पश्चिम बंगाल गैंग का मुख्य सरगना है।
पुलिस की स्पेशल टीम ने दबिश देकर मुख्य सरगना को पश्चिमी बंगाल के आसनसोल जिले से गिरफ्तार किया। आरोपी देश के कई हिस्सों में लोगों से धोखाधड़ी कर चुका है। आरोपी को नवंबर में ही आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम की ओर से साइबर क्राइम, धारा 419, 420, 467, 468, 120 बी आईपीसी के तहत गिरफ्तार किया था, जो जमानत पर बाहर था।
निरमंड थाना में पंजीकृत मुकदमे में आरोपी ने शिकायतकर्ता के दस लाख रुपये पीएनबी अकाउंट से अलग-अलग फेक पेटीएम अकाउंट्स में ट्रांसफर किए। बाद में इन पेटीएम अकाउंट्स से कुछ पैसे की नकदी निकाली। कुछ रुपयों के गिफ्ट वाउचर खरीदकर अन्य लोगों को बेच दिए। आरोपी ने तीन लाख रुपये से ज्यादा के गिफ्ट वाउचर्स को 29 मोबाइल फोन खरीदने के लिए भी इस्तेमाल किया। मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने की।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी के मुख्य सरगना को पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले से पकड़ा है। आरोपी से कड़ी पूछताछ चल रही है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के चार केसों में अब तक कुल सात आरोपी झारखंड व पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुल्लू पुलिस की ओर से ऑनलाइन ठगी करने वालों हो रही कार्रवाई से लोग खुश है। साथ ही इसके लिए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है।