संपत्ति की खातिर युवक ने अपने ही दादा को दराटी के साथ मौत के घाट उतार दिया था।
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दादा के हत्यारे पोते को एडिशनल सेशन जज जिया लाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। वहीं, दस हजार रुपये हर्जाना लगाया है। वहीं, हत्यारे पोते द्वारा चाचा का अंगूठा काटने के मामले में कोर्ट ने दो साल का साधारण कारावास और 2500 रुपये हर्जाना लगाया है।
हर्जाना न भरने की सूरत पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार जुलाई 2013 को संपत्ति बेटी के नाम करने की भनक लगने पर भड़के पोते ओम प्रकाश पुत्र मोहर सिंह निवासी गांव गड़शौन डाकघर बाहु तहसील बंजार ने अपने दादा ठाकर दास पर दराटी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
19 जुलाई 2013 को ठाकुर दास अपने भतीजे यज्ञ चंद के साथ चर्चा कर रहा था कि उसका पोता ओम प्रकाश उसके कहने के बाहर है और वह अपनी संपत्ति बेटी बादरी देवी के नाम कर देगा। इस पर भड़के पोते ने दादा को तीन-चार थप्पड़ जड़ दिए और कमरे में पड़ी दराटी से दादा पर हमला कर दिया।
बीच बचाव में कट गया था चाचा का अंगूठा
बीच-बचाव में उसके चाचा यज्ञ चंद का अंगूठा कट गया और जान बचाने के लिए वह मौके से भाग गया। इस दौरान ओम प्रकाश की मां घमी देवी, पत्नी कृष्णा, दादी धिंधू देवी भी खून-खराबा होता देख मौके से भागने लगे। इस दौरान पोते ने अपने दादा पर दराटी से कई वार किए।
यज्ञ चंद ने एंबुलेंस को भी कॉल किया, लेकिन मामला पुलिस में दर्ज न होने के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और बाद में मामला पारिवारिक होने के कारण मामला दर्ज नहीं करवाया गया। लेकिन रात्रि को अत्याधिक खून बहने से दादा ठाकुर दास ने अपने कमरे में दम तोड़ दिया।
इिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में आईपीसी की धारा 302/324/326 के तहत चालान न्यायालय में पेश किया गया। 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए कोर्ट ने आरोपी पोते को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा और दस हजार हर्जाने के आदेश सुनाए। इधर, जिला न्यायवादी राजेश कुमार वर्मा ने कोर्ट के आदेशों की पुष्टि की है।