तारादेवी मंदिर के समीप नीजि भू्मि पर अवैध पेड़ कटान मामले में अब कंजरवेटर ऑफ फोरेस्ट शिमला पर भी गाज गिर गई है। सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए कंजरवेटर ऑफ फोरेस्ट शिमला संजय सूद को हटाकर मुख्यालय भेज दिया है।
उनकी जगह अब आलोक प्रेम नागर को तैनाती दी गई है। इससे पूर्व सरकार इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर चुका है।
इनमें एसीएफ डीएस ठाकुर, डीएफओ वीके शर्मा, रेंजर रीचा, डिप्टी रेंजर कुंदन लाल और फोरेस्ट गार्ड निशा शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तारादेवी मंदिर के समीप निजी भूमि पर 477 पेड़ कटान का मामला सामने आया है। पेड़ करीब 38 बीघा जमीन पर काटे गए, जिनकी कीमत 15 से 20 लाख रुपये के मध्य आंकी गई है। विभाग ने इस मामले की जांच कंडरवेटर ऑफ फोरेस्ट शिमला को सौंप दी है और शुक्रवार तक रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
इसके अलावा जिला पुलिस भी इस मामले में जांच कर रही है। उधर, प्रधान सचिव वन तरुण श्रीधर ने नियोजन, टीसीपी, पीडब्ल्यूडी, टूरिज्म और जिला प्रशासन के निर्देश जारी किए हैं कि उक्त भूमि पर किसी तरह की खरीद फरोख्त और एनओसी को मंजूरी देने से पूर्व अवैध पेड़ कटान मामले की ध्यान में रखें।
जांच के बाद सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
पीसीसीएफ फोरेस्ट डिपॉर्टमेंट एससी श्रीवास्तवा ने कहा कि मामले की जांच कंजरवेटर ऑफ फोरेस्ट शिमला को सौंपी गई है। शीघ्र ही इस मामले में अंतिम रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को सौंप दी जाएगी।