जकलीन गांव में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती के खिलाफ कार्रवाई करते एसएचओ सुनील कुमार।
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हिमाचल के मंडी जिले के करसोग उपमंडल के दुर्गम गांवों में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। गुप्त सूचना पर करसोग थाना पुलिस ने तीन टीमें गठित कर जकलीन, मांजू और माहूंनाग गांव में दबिश देकर निजी मलकीयत और सरकारी भूमि पर 11 हजार अफीम के पौधे बरामद किए।
पुलिस ने अफीम की खेती करने वाले तीन लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार करसोग थाना प्रभारी सुनील कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने रातों रात जकलीन, मांजू और माहूंनाग गांव पहुंच कर निजी और सरकारी भूमि से 11 हजार अफीम के पौधे नष्ट किए। पहली टीम में एएसआई भोम प्रकाश की अगुवाई में पुलिस दल रात को जकलीन गांव के लिए रवाना हुआ।
जहां टीम ने चार खेतों से 258 अफीम के पौधे बरामद किए। वहीं हेड कांस्टेबल तेज सिंह की अगुवाई में दूसरी टीम ने एक खेत से 5800 अफीम के पौधे बरामद किए। एसएचओ सुनील कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने मांजू गांव में तीन खेतों से 5280 अफीम के पौधे बरामद किए।
पुलिस ने हलका पटवारी हीरा सिंह को जमीन की निशानदेही के लिए मौके पर बुलाया और जमीन के मालिकाना हक की जानकारी जुटाई। इसमें माहूंनाग गांव निवासी दीवान चंद, जकलीन गांव निवासी देश राज की निजी भूमि पर अफीम की खेती पाई गई। जबकि तीसरे आरोपी मांजू गांव निवासी प्रेम लाल के जमीन की निशानदेही होनी है।
फिलहाल हलका पटवारी ने इस जमीन सरकारी कब्जे में बताया है। अफीम की खेती पर डोडे निकल चुके थे। कुछ ही दिनों के भीतर अफीम बाजार में पहुंचे को तैयार थी। पुलिस अधीक्षक मंडी प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि जिला में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है।
करसोग क्षेत्र के जकलीन, मांजू और माहूंनाग गांव में पुलिस ने 11 हजार अफीम के पौधे बरामद किए हैं। अफीम की खेती करने पर तीन लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत के दर्ज किया गया है।