ठेकेदार के पास 28 हजार रुपये पहले से थे। ठेेकेदार ने शुक्रवार को अमर उजाला को बताया कि उसके साथ खड़ा नेपाली थोड़ी देर में शीतल पेय पदार्थ लेकर आया और उसे पीने को दिया। जैसे ही उसने इसके दो घूंट पीए तो उसे अजीब सा लगा और वह शौचालय गया। इस दौरान यह नेपाली भी पीछे-पीछे आ गया।
जैसे ही ठेकेदार वापस आया और बैंच पर बैठा तो उसे सुध नहीं रही और मजदूर ने उसके सारे रुपये और चीजें उड़ा लीं। आईएसबीटी से उसे कोई और व्यक्ति सीधे पुलिस के पास ले गया और यहां से उसे सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। सूचना मिलने के बाद पिता शमशेर सिंह, मां रक्षा देवी, चाचा कुलदीप सिंह ठाकुर और भाई ठेकेदार को मिलने अस्पताल पहुंचे।
आईएसबीटी के मुंशी राजेश ने ठेकेदार के परिजनों से कहा था कि पुलिस आईएसबीटी के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल कर परिजनों को सूचित कर देगी। इसके बाद मुंशी को मोबाइल नंबर 08650078787 पर संपर्क किया जा रहा है। लेकिन वह किसी का फोन नहीं उठा रहा है।