पूछताछ में उसकी पत्नी ने बताया कि खाना खाने के बाद हरीश मादीपुर में रहने वाले दोस्त राजू उर्फ लंगड़ा को दिवाली की मुबारकबाद देने गया था। सुनीता ने राजू पर उसके पति की हत्या करने का शक जताया। पुलिस ने राजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। राजू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
उसने बताया कि रात में उसके साथ छह अन्य दोस्त मादीपुर निवासी राम, राजेश, जितेंद्र, हरिकांत, कुलदीप और रमेश कपूर मौजूद थे। राम अपने साथ पिस्टल लेकर आया था।
इसी दौरान हरीश वहां पहुंचा और पिस्टल चलाने की बात कही। राजू ने टशनबाजी में पिस्टल से गोली निकालकर उसकी तरफ ट्रिगर दबा दिया, लेकिन चेंबर में पहले से एक गोली फंसी हुई थी, जो हरीश के कंधे में जा लगी।
इस पर आरोपी उसे ले जाकर महाराजा अग्रसेन अस्पताल के गेट पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने राजू के साथ उसके छह अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। राजू के खिलाफ 2008 में हरि नगर थाने में हत्या का एक मामला दर्ज है।