पंजाब नेशनल बैंक की चनोल शाखा में 10.20 लाख के फर्जी ऋण बनाने के आरोपी प्रबंधक ने सुंदरनगर के मलोह में भी 20 लाख का फर्जी लोन बनाकर बैंक को चूना लगाया है। आरोपी प्रबंधक बीते 30 नवंबर को पीएनबी की चैलचौक शाखा से सेवानिवृत्त हो गया है। प्रबंधन ने उसके सेवानिवृत्ति लाभ पर रोक लगा दी है। चनोल के बाद मलोह में ऋण एक ही व्यक्ति के नाम पर बना है। करीब 30 लाख का गोलमाल सामने आने पर बैंक प्रबंधन में हड़कंप है। मलोह शाखा में तैनात अधिकारी ने फर्जीवाड़े की दूसरी प्राथमिकी सुंदरनगर थाने में दर्ज कराई है।
चनोल में 28 सितंबर, 2015 से 5 मई, 2018 तक प्रबंधक पद पर तैनात रहे रमेश कुमार पर आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान दुनी चंद पुत्र गांधी राम निवासी गांव पास्ता डाकघर ट्रोह तहसील बल्ह के नाम पर फर्जी तरीके से 10 लाख 20 हजार का लोन बना दिया था। प्रबंधक के तबादले के बाद बैंक को किस्त नहीं मिली तो वह दुनी चंद के पास लोन की वसूली के लिए पहुंचा था।
दुनी चंद ने कोई लोन न लेने की बात कही थी। इसके बाद बैंक ने विभागीय जांच के बाद तत्कालीन प्रबंधक रमेश कुमार के खिलाफ सुंदरनगर थाना में मंगलवार सुबह धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
2018 से 6 मई, 2019 तक मलोह शाखा में रहा प्रबंधक
चनोल में कार्यकाल पूरा होने के बाद आरोपी 8 मई, 2018 से 6 मई, 2019 तक मलोह शाखा में प्रबंधक पद पर रहा। यहां भी उसने 5 जुलाई, 2018 को दुनी चंद के नाम पर ही 20 लाख के ऋण को मंजूरी दी। प्रबंध के तबादले के बाद बैंक अधिकारियों ने किस्त के लिए दुनी चंद से संपर्क किया तो उसने लोन न लेने की बात कही।
लोन के साथ लगाए दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर होने से भी इनकार किया है। इसके बाद मंगलवार शाम को मलोह शाखा में तैनात अधिकारी सुदर्शन सिंह ने थाना सुंदरनगर में आरोपी प्रबंधक रमेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। आरोपी बैंक प्रबंधक के सेवाकाल में हुए ऋण वितरण अब संदेह के घेरे में हैं। बैंक प्रबंधन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। ऐसे में कई मामले सामने आने का अंदेशा बना है।