हिमाचल मंडी जिला के सराज क्षेत्र में शिक्षा के मंदिर में ही बच्चों को सिखाया गया कि जातिवाद क्या होता है। इसी आधार पर दलित वर्ग के बच्चों को स्कूल के एक कार्यक्रम में अलग बिठाकर खाना खिलाया गया।
हैरानी इस बात की है इस पूरे कृत्य में वह शिक्षक संलिप्त है जिन पर बच्चों पर समानता और एकता का पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी बनती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया है।
मामला राजकीय प्राथमिक पाठशाला मुराह के गोल्डन जुबली समारोह का है। जब स्कूल के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में दलित वर्ग के बच्चों को सामान्य श्रेणी के बच्चों से अलग बिठाकर खाना खिलाया गया।