सहकारी सभा तलाई में 33 करोड़ के गोलमाल मामले में पुलिस ने राजस्थान के गंगानगर से पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। दोनों ने सचिव के साथ मिल कर सभा को 22 करोड़ का चूना लगाया था।
सचिव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दंपती ने ऋण वापस करने के वक्त इस राशि को ऐसे लोगों के नाम दर्शा दिया जो हैं ही नहीं। ऑडिट के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ था।
उल्लेखनीय है कि यह पति-पत्नी पहले शाहतलाई में ही रहते थे। लेकिन गोलमाल के मामले का खुलासा होते ही दोनों यहां से फरार हो गए थे। पुलिस पूछताछ में सचिन ने इन दोनों का नाम बताया था। जिसके बाद से पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।
एएसआई शेर सिंह, एएसआई राजेश कुमार, सिपाही चंद्रशेखर व रामपाल की संयुक्त एसआईटी टीम ने गंगानगर में दबिश देकर बीती रात को ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एएसआई शेर सिंह ने बताया कि तलाई सहकारी सभा सचिव की मिलीभगत से अश्वनी गौतम व उसकी पत्नी निर्मला देवी ने लगभग 22 करोड़ रुपये के फर्जी ऋण लिए थे। जिस कारण सहकारी सभा कंगाली के कगार पर पहुंच गई।
दोनों ने जाली हस्ताक्षर व नाम बदलकर अपना ऋण ऐसे लोगों के नाम पर बना दिया गया जो इलाके में हैं ही नहीं। मामले की छानबीन कर रहे कोट के थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले में कई और बड़े खुलासे होंगे।
उधर संघर्ष समिति के प्रधान कैप्टन प्रकाश चंद बन्याल ने अभी तक की कार्रवाई पर संतोष जताया है। एसपी बिलासपुर साक्षी वर्मा ने बताया की द तलाई सहकारी सभा में गोलमाल मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को 20 जुलाई कोर्ट में पेश किया जाएगा।