बागवानों से ठगी के मामलों की जांच में जुटी स्टेट सीआईडी की एसआईटी ने मार्च के पहले हफ्ते में डेढ़ दर्जन आढ़तियों को शिमला स्थित मुख्यालय तलब किया है। इन आढ़तियों और लदानियों पर प्रदेश के कई बागवानों का करोड़ों रुपये का सेब लेकर गायब होने का आरोप है। कई बागवानों ने सीआईडी से शिकायत की थी लेकिन सटीक पता न होने की वजह से जांच अटक गई थी। अब कुछ आढ़तियों का पता मिलने और कुछ पुराने मामलों की जांच के दौरान कुछ अन्य आढ़तियों और लदानियों की जानकारी मिली है। इसके बाद सीआईडी ने उन्हें नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कहा है।
जिन्हें नोटिस भेजा गया है उनमें हरियाणा, महाराष्ट्र, बंगलूरू और यूपी के लदानी व आढ़ती शामिल हैं। एसआईटी के प्रभारी एसपी वीरेंद्र कालिया ने बताया कि नोटिस देकर सभी को बुलाया जा रहा है। अगर वह पैसे देने को तैयार हो जाते हैं या दे चुके हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। लेकिन जो लोग पैसा देने के इच्छुक ही नहीं दिखते हैं, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीजीपी सीताराम मरडी के निर्देश पर एसपी वीरेंद्र कालिया की अध्यक्षता में सीआईडी की एसआईटी गठित हुई थी। अभी तक यह एसआईटी बागवानों का करीब सात करोड़ रुपये से ज्यादा लौटाने में अहम भूमिका निभा चुकी है। पैसा न लौटाने वाले डेढ़ दर्जन से ज्यादा लदानियों व आढ़तियों को जेल भी भेज चुकी है। फिलहाल पचास से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं जिनके निस्तारण के लिए लगातार नोटिस व पूछताछ की कार्रवाई चल रही है।