किसी एक परिवार के सदस्य ने इस कार्ड को चलाया, लेकिन कार्ड नहीं चला। इस पर स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की गई। जब स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया, तो यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम कार्ड का फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
जांच में पता चला कि होम डिलिवरी के नाम पर लोगों से 1100 रुपये वसूले जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के कार्ड का पंजीकरण किए जाने की शिकायत मिली है।
इस मामले में पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था को कार्ड बनाने के लिए अधिकृत नहीं किया है। ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों या संस्थाओं पर विभाग कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था ऐसे कार्ड बनाती है या उन्हें कार्ड बनाने के लिए मजबूर करती है तो वे तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दूरभाष नंबर 01892-224874 और ई-मेल आईडी cmokangra@yahoo.co.in पर शिकायत करें।
अभी कांगड़ा जिले में इस स्कीम के कार्ड बनाने के लिए सिर्फ जोनल अस्पताल धर्मशाला और बीएमओ कार्यालय भवारना को अधिकृत किया गया है। इन दो स्थानों पर ही यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के कार्ड बनाए जा रहे हैं।