बीते 14 दिसंबर को एजेंसी के साथ चंद्रमोहन अरोरा ने पांच हजार रुपये महीने के वेतन पर नौकरानी का अनुबंध किया। 15 दिसंबर को एक महिला कर्मचारी के साथ झारखंड निवासी महिला को उनके घर भेजा गया।
चंद्रमोहन अरोरा ने अनुबंध के अनुसार, महिला कर्मचारी को 40 हजार रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया। एजेंसी की कर्मचारी ने इसकी रसीद भी दी। इसके बाद 15 दिसंबर को दिन में नौकरानी ने काम किया। आरोप है कि दोपहर बाद उसने घर से एक मोबाइल चोरी किया और किसी को बिना बताए निकल गई।
चंद्रमोहन अरोरा ने एजेंसी के नंबरों पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। यहां से दूसरी नौकरानी भेजने का आश्वासन दिया गया। लेकिन इसके दो दिन बाद एजेंसी ने अपने दोनों नंबर बंद कर लिए।
हालांकि एजेंसी की कर्मचारी और नौकरानी की सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। चंद्रमोहन अरोरा की पुत्री डॉ. प्रियंका अरोरा ने पुलिस को तहरीर सौंपी है, लेकिन तहरीर मिलने के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।