हिमाचल में खाद के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी हुई है। उन्हें बिना लाइसेंस के बगैर जांचे-परखे ही खाद बेची जा रही है। पुलिस, हिमफेड और कृषि विभाग के संयुक्त ऑपरेशन में शिमला में अवैध रूप से लाई खाद के लगभग 205 बोरे पकड़े गए हैं।
हिमफेड और कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस तहकीकात में जुट गई है। दूसरी ओर चंडीगढ़ से लापता हुए हिमफेड के खाद से भरे ट्रक के तार भी इसी धोखाधड़ी से जोड़कर देखे जा रहे हैं। पिछले दिनों अवैध रूप से लाई गई खाद की एक गाड़ी गलू के पास पकड़ी गई। यहां लाए गए ट्रक में से अधिकतर खाद किसानों को बेच दी गई थी।
स्पॉट पर एनपीके 15:15:15 के 20 और पोटाश खाद के 35 बैग ही पकड़े गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। निजी सप्लायर की एक अन्य गाड़ी को हिमफेड ने बीते दिन कोटखाई में पकड़ा है। यहां अवैध रूप से हिमाचल लाई गई पोटाश खाद के लगभग 150 बोरे पाए गए हैं। इसकी भी कृषि विभाग और हिमफेड ने पुलिस को सूचना दे दी है।
हिमाचल में खाद की आपूर्ति के लिए केवल हिमफेड अधिकृत है। इसके अलावा फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत यहां कोई निजी एजेंसी खाद की आपूर्ति नहीं कर सकती है। बगैर जांचे-परखे खाद का इस्तेमाल करना फसलों के लिए घातक हो सकता है।
‘प्रदेश में हिमफेड के अलावा कोई निजी सप्लायर खाद की आपूर्ति करता है तो यह अपराध है। खाद पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर लागू होता है। गलू और कोटखाई में अवैध रूप से लाई गई खाद पकड़ी गई है। इस पर कार्रवाई हो रही है।’
राजकुमार आहलूवालिया, क्षेत्रीय प्रबंधक, हिमफेड शिमला
‘अवैध खाद की सप्लाई की शिकायत हिमफेड और कृषि विभाग से मिली है। इस पर तहकीकात की जा रही है। ट्रक के लापता होने की भी जांच हो रही है।’
राजकुमार, एसडीपीओ, रोहड़ू, शिमला