पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
हिमाचल के सोलन जिले में पुलिस ने 2.689 ग्राम चरस बरामद की है। पकड़ी गई चरस की कीमत करीब 30 लाख है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। मिली जानकारी के मुताबिक एक निजी होटल में ठहरे कुल्लू निवासी से पुलिस ने 2.689 ग्राम चरस बरामद की है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने होटल के कमरे में दबिश दी थी।
तलाशी के दौरान पुलिस को चरस मिली है। इससे पहले भी परवाणू में प्रतिबंधित दवाएं, अफीम और चरस पकड़ी जा चुकी है। उधर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी ट्रांस्पोर्ट कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चरस की कीमत तीस लाख बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक थाना परवाणू में रात सवा ग्यारह बजे सूचना मिली की एक निजी होटल में कमरा नंबर 101 में संदीप नाम का शख्स ठहरा है।
आरोप लगाए गए कि वह मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा करता है। इसके पास मादक पदार्थ हो सकते हैं। सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाना प्रभारी मीनाक्षी की अगुवाई में पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस ने पाया कि उस कमरे में चार व्यक्ति नशे में धुत्त थे। पुलिस ने चारों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान संदीप ठाकुर (30) पुत्र प्रकाश चंद गांव झल्ली डाकघर एवं तहसील निथर जिला कुल्लू के बैग से 2.689 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा इसमें वेद प्रकाश (21) कोटबेजा कसौली, रविंद्र कुमार गांव मलोडन लंबागांव कांगड़ा और अजय राणा (23) गांव मट्टू समूला पालमपुर कांगड़ा को भी पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी संदीप का कालका में ससुराल है। सभी ट्रांस्पोर्टर बताए जा रहे हैं। इनकी आपस में जान पहचान थी। पकड़ी गई चरस की कीमत करीब 30 लाख है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
पहले भी पकड़ा जा चुका है गांजा- इससे पहले परवाणू पुलिस ने एक व्यक्ति से 1 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया था। छानबीन में खुलासा हुआ था कि आरोपी गांजा 50 रुपये में सिगरेट में भरकर सप्लाई करता था। हालांकि पुलिस ने नशाखोरी के खिलाफ अभियान छेड़कर कई सफलताएं हासिल की हैं।
तस्करी का गढ़ बनता जा रहा परवाणू- हिमाचल का प्रवेश द्वार होने के कारण परवाणू चरस और मादक पदार्थों की तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा का बार्डर होने के कारण परवाणू में ही तस्करी की डील होती है। इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध रूप से सप्लाई भी परवाणू के साथ सटे कालका से होने का अंदेशा है। ऐसे कई मामले पुलिस और ड्रग्स विभाग ने भी पकड़े हैं। लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी में लगे शातिर बाज नहीं आ रहे।