प्रदेश विश्वविद्यालय में एक बार फिर से फर्जी मार्कशीट तैयार करने के आरोपों को लेकर बवाल मचा है। वीरवार को विवि में इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने अकादमिक और परीक्षा भवन में पहुंचकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के मना करने के बावजूद परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर सेंटर पहुंचकर अधिकारियों से पकड़ी गई मार्कशीट का रिकार्ड देखने की बात कही।
छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक की मौजूदगी में कंप्यूटर शाखा में जाकर मार्कशीट को निकालकर उनसे सत्यापित भी करवाया। छात्रों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने 12 नवंबर को आ चुकी इस शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
बुधवार को आनन फानन में फर्जी मार्कशीट तैयार करने के आरोपी अधिकारी को दूसरी शाखा में जरूर बदला गया। मामले में एक अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही बेटे की फर्जी मार्कशीट तैयार करवाई है। इसे विवि के कर्मचारियों ने ही बारह नवंबर को कंप्यूटर से निकाले प्रिंट के रिकार्ड से मैच न होने पर अधिकारियों को सूचित किया था।
कुलपति ने गठित की फेक्ट फाइंडिंग कमेटी
वहीं विवि के कुलपति ने इस मामले पर फेक्ट फाइंडिंग कमेटी जरूर गठित की है। यह पूरे मामले की छानबीन करेगी। इसके बाद विवि इसमें आरोपी अधिकारी के खिलाफ केस भी दर्ज कर सकता है। एसएफआई का आरोप है कि रोलनंबर 11139496 की फाइनल ईयर की अंक तालिका पकड़ी गई है। इस छात्र ने प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा कोटशेरा से दी।
फाइनल ईयर में इस छात्र ने परीक्षा भी दी थी या नहीं इस पर भी संदेह है। एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष राहुल चौहान का आरोप है कि विवि प्रशासन ने इस मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया। इस पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर सेक्शन में पहुंचकर हंगामा किया और तैयार फर्जी मार्कशीट का प्रिंट निकाला। एक घंटे तक चली इस प्रक्रिया के दौरान पूरे प्रशासनिक और परीक्षा शाखा भवन में हड़कंप मचा रहा।
कैसे उजागर हुआ मामला
विवि में परीक्षा शाखा के कंप्यूटर सेक्शन में जब कार्ड प्रिंट होने गया तो कर्मचारियों को इसमें पिछले अंकों का रिकार्ड मैच नहीं मिला। शंका हुई तो उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को इसकी सूचना दी। बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा शाखा में ही इस छात्र का पिता एक अधिकारी पद पर कार्यरत था।
कमेटी करेगी जांच: प्रो. वाजपेयी
शिमला। विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने माना कि मामला ध्यान में आया है। मामला गंभीर है, इसमें यदि आरोप साबित हुए तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले पर बनी फेक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने आने पर विवि प्रशासन कार्रवाई करेगा। आरोपी अधिकारी को ब्रांच से हटा दिया है। आरोप साबित हुआ तो अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी और विवि पुलिस केस भी दर्ज करेगा।
17 जनवरी तक एचपीयू में लागू रहेगी धारा 144
जिला दंडाधिकारी शिमला दिनेश मल्होत्रा ने शहर में बालूगंज से प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर, विश्वविद्यालय परिसर से रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाली सड़क, लोअर बाजार, समरहिल चौक, विश्वविद्यालय परिसर लड़के और लड़कियों के छात्रावास परिसर तथा अध्यापक कॉलोनी के पास खेल मैदान क्षेत्र में 17 जनवरी तक धारा 144 लागू करने के आदेश दिए हैं।
इन क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, हथियार लेकर घूमना और 5 से अधिक लोगों के इकट्ठे होने और ऐसे कार्य जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो पर प्रतिबंध होगा। इस दौरान कोई धारा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।