शिमला के रिज मैदान के समीप जोधा निवास में नगर निगम की पार्किंग में तैनात कर्मचारी की गोली मार कर हत्या करने की कोशिश की गई। वारदात बुधवार रात करीब पौने ग्यारह बजे की है। हमले में कर्मचारी पवन कुमार (26)बाल बाल बच गया।
हमला करने के बाद तीनों हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए लेकिन स्थानीय युवकों ने पुलिस की मदद से उन्हें धर दबोचा। हमलावर पंजाब के बताए जा रहे हैं। पुरानी रंजिश हमले की वजह बताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गुरकीरत सिंह (20) गांव पनियाला, अबोहर जिला फाजिलका पंजाब, गंजन सिंह (24) चंडीगढ़ और अमर वीर सिंह (34) फेज 7 मोहाली 3113 चंडीगढ़ शामिल हैं। इनके पास से देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया है।
बदला लेने के लिए चलाई गोली
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी जून माह में भी शिमला घूमने आए थे। जोधा निवास के नजदीक डोगर होटल में ठहरे थे। इसी दौरान इनकी किसी बात को लेकर पवन कुमार के साथ बहस और मारपीट हुई। मामला पुलिस तक पहुंचा इसके बाद दोनों पक्षों में लिखित में समझौता हो गया।
रात करीब साढ़े दस बजे तीनों आरोपियों को जोधा निवास में पार्किंग के इर्द गिर्द मंडराते हुए देखा गया। इस बीच पवन पार्किंग के भीतर गाड़ियों को लगा रहा था। आरोपी उसके पास पहुंचे और कहने लगे कि क्या तुम्हारा नाम पवन है।
उसके हां करते ही आरोपियों ने उसे घसीटा और मारपीट शुरू कर दी। घटनास्थल पर अंधेरा था पवन मदद के लिए चिल्लाया उसे स़ड़क पर लिटा कर मार रहे थे। इनमें से एक आरोपी गंजन सिंह ने देसी कट्टे से पवन पर गोली दाग दी।
कट्टे में भरा था इटली का कारतूस
देसी कट्टे में मेड इन इटली कारतूस था। वारदात स्थल पर सड़क पर फायर के बाद गड्डा पड़ गया। शुरू में आरोपियों ने खुद को सैलानी बताया और कहा कि स्थानीय युवकों ने उनके साथ मारपीट की।
इस दौरान जब पवन ने अपने साथ हुई आपबीती सुनाई तो एक पल के लिए पुलिस को विश्वास ही नहीं हुआ। तुरंत थाने से दो कांस्टेबलों को वारदात स्थल पर भेजा यहां चले हुए कारतूस का खाली खोल मिला। तब पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की उन्होंने कहा कि थाने के बाहर ही कट्टा फेंक रखा है।
पुलिस गिरफ्त में आए तीन आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वह एक लग्जरी कार में बुधवार को ही शिमला आए थे। कार में वह पांच लोग थे। इनके दो साथी और भी हैं। वह कार में उनका इंतजार कर रहे थे। इनमें से एक साथी की पंजाब में मार्बल का कारोबार है।