बाइक पर सवार होकर आए नकाबपोश लूटेरों ने सरेआम दो लोगों को गोलियों से भून डाला। इसमें एक शख्स की मौत हो गई है। मामला नवांशहर का है। मृतक व्यक्ति हिमाचल के जिला ऊना के बंगाणा के वंडा गांव का रहने वाला था।
पुलिस के अनुसार 47 वर्षीय सुरेंद्र कुमार पुत्र मनशा राम की पंजाब के नवांशहर में लुटेरों की गोली लगने से मौत हो गई। फिलहाल लुटेरे फरार है और इनकी तलाश की जा रही है। सुरेंद्र लूटेरों का विरोध कर रहा था कि उसे गोली से मार दिया गया।
मृतक सुरेंद्र के बड़े भाई मास्टर किशोरी लाल शास्त्री ने बताया कि उसका भाई सुरेंद्र नवांशहर के रांव में रहता था। साथ ही दूसरा भाई राकेश कुमार भी साथ ही रहता है। दोनों नवांशहर अनाज मंडी में मुनीम का कार्य करते थे।
लुटेरों ने चलाई गोलियां
घटना के दौरान मौके पर मौजूद छोटे भाई राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को दोनों भाई नवांशहर में किसी रिश्तेदार की मौत पर शोक प्रकट कर वापस अपने क्वार्टर लौट रहे थे। उनके साथ ही पीछे आ रहे रहे एक व्यक्ति के पीछे नकाबपोश गुंडे पड़े हुए थे।
राकेश ने बताया कि बाजार से पहले हम लघुशंका के लिए रुक गए। पीछे चल रहा व्यक्ति भी अपने को खतरे में देखता हुआ उनके पास ही रुक गया। नकाबपोश भी वहां आकर रुक गए। उन्होंने बताया कि जितने में वे कुछ समझ पाते ,नकाबपोश रिवाल्वर दिखाकर उस व्यक्ति से बैग छीनने की कोशिश करने लगे। बैग छीनता न देखकर नकाबपोश ने रिवाल्वर उल्टी साइड से उसकी पीठ पर दे मारी।
मदद करने पर मार डाला
तभी पास खड़े दोनों भाइयों सुरेंद्र एवं राकेश ने उस व्यक्ति की सहायता करनी चाही। लेकिन जैसे ही सुरेंद्र सहायता के लिए आगे बढ़ा, वैसे ही नकाबपोश ने सामने से सुरेंद्र कुमार की छाती में गोली दाग दी जिससे सुरेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
नकाबपोश बैग लेकर रफूचक्कर हो गए। बैग खोने वाला व्यक्ति भी नवांशहर में अस्पताल में उपचाराधीन है। सुरेंद्र कुमार अपने पीछे पत्नी एक बेटा एवं बेटी छोड़ गया है। सुरेंद्र की मौत के बाद पूरा गांव सदमे में हैं। लोगों ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।