हिमाचल के कुल्लू जिले के शांघड़ गांव में लगी भयंकर आग से शंगचूल देवता का मंदिर और चार मकान जल कर राख हो गए हैं। आगजनी की घटना में जहां मंदिर की करीब 1.5 करोड़ रूपये की संपति जल कर राख हो गई है। वहीं 18 परिवारों की भी करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते सब कुछ जल गया।
लोगों ने भाग कर किसी तरह से अपनी जान बचाई। वहीं लोगों ने देवता का रथ अपनी जान पर खेल कर बचा लिया है। सोमवार रात करीब 12 बजे मंदिर की उपरी मंजिल में आग लग गई। जिसके अंगारे आस पास के घरों पर भी गिरे। जिससे चार मकान के करीब 45 कमरें भी और दो गो शाला जल कर राख हो गए।
13 परिवार हुए बेघर
इस हादसे में देवता के साथ 18 परिवार भी बेघर हो गए है। हालांकि लोगों ने आग कर काबू का प्रयास किया। लेकिन काष्ठकुणी शैली से बने इन मकानों को बचाया नहीं जा सका। आग इतनी भयानक थी कि लोग अपने घरों से कुछ भी बाहर नहीं निकाल सके। आगजनी में मंदिर में रखे रथ को तो बचा लिया।
लेकिन मंदिर में रखी गई 12 पौराणिक अष्ठधातु की मूर्तियां, सोने के तीन मोहरे,तीन मूर्तियां चांदी,चार छत्र चांदी के, एक छत्र सोने का, चांदी की मझाणी,चांदी का सामन, पूरी पूजा की सामग्री और वस्तुएं के साथ लगभग 20 लाख के करीब नकदी जल कर राख हो गई है।
इधर, मौके पर पहुंचे एसडीएम बंजार अश्वनी कुमार ने घाटना का जायजा लिया और लोगों से मिले। इस मौके पर उन्होंने 18 परिवारों को दस दस हजार रूपये की राशि फौरी राहत के रूप में जारी की।
गत वर्ष 35 लाख से हुआ था मंदिर की जिर्णोद्धार- आगजनी के भेंट चढ़ा शंगचूल देवता मंदिर के जिर्णोद्धार का कार्य करीब पांच माह पूर्ण किया गया था। जिस पर करीब 35 लाख रूपये खर्च किए गए थे। लेकिन देखते ही देखते सोमवार रात को सब कुछ तबाह हो गया।
आगजली से यह लोग हुए बेघर- बोद्ध राम, सुरेश, मनोज कुमार, जगदीश, नरोतम, ओम प्रकाश, उतम चंद, कुलदीप चंद, डिणे राम, नौमी राम, मोहन लाल, घनश्याम, रमेश राकेश कुमार, देवेंद्र शर्मा, सुधा देवी, गिरधारी लाल और टेक चंद।
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