इक्डोल के नवंबर माह में किए गए ऑडिट में प्रोस्पेक्टस बिक्री में घोटाले का मामला सामने आया था। आडिट कर रही एजी की टीम ने ऑडिट पेरा में प्रोस्पेक्टस बिक्री में घोटाले का पैरा बनाकर विवि को लिखित में सूचित किया था। एजी टीम ने गड़बड़ी का पता लगाने को एचपीयू को अपने स्तर पर जांच करने को कहा था।
अब पुलिस जांच में होगा खुलासा
अब पुलिस जांच में सामने आएगा कि इस घोटाले में सिर्फ बाबू राम शामिल था या वह किसी की छत्रछाया में इतनी रकम का गबन कर गया। प्रोस्पेक्टस बिक्री की प्रक्रिया में इसकी छपाई, बिक्री से लेकर आय को बैंक में जमा करवाने तक की प्रक्रिया में बहुत से लोग शामिल होते हैं।
2011 से लेकर कैसे किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। यूनिवर्सिटी का अपना लोक ऑडिट विभाग भी है, जो हर साल ऑडिट करता है। सवाल उठता है कि एलएडी की नजर में यह एक करोड़ का घोटाला क्यों सामने नहीं आया। इन सब सवालों का जवाब पुलिस जांच में सामने आएगा।