वता का रथ छीनने के मामले में 16 हारियानों पर मामला दर्ज।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत बलागाड़ में देवता के रथ को लेकर हारियानों का विवाद बढ़ गया है। बलागाड़ के देवता मारकंडेय ऋषि का लाहुंड के हारियान वीरवार शाम को रथ छीनकर ले गए। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर बंजार पुलिस ने 16 लोगों पर केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को देवता को लेकर बलागाड़ के ग्रामीण देव परंपरा के अनुसार बाहू गांव के दौरे पर जा रहे थे।
इस दौरान जब देवता मारकंडेय ऋषि बलागाड़ देवी बाला सुंदरी के साथ लाहुंड गांव के पास कैंची नामक जगह पर पहुंचे तो यहां लाहुंड गांव के लोग पहुंचे और जमकर हंगामा हो गया। इस बीच लाहुंड और बलागाड़ गांव के हारियानों के बीच रथ को लेेकर पहले कहासुनी हुई और बाद में देवता के रथ को छीनकर ले गए। इसको लेकर बलागाड़ के देवता मारकंडेय ऋषि के कारदार चेतन स्वरूप ने बंजार थाने में शिकायत पत्र सौंपा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर लाहुंड के 16 हारियानों पर मामला दर्ज किया है।
कारदार ने शिकायत में कहा कि देवता मारकंडेय ऋषि और माता त्रिपुरा बाला सुंदरी बेहलों गांव होते हुए बाहू गढ़ जा रहे थे। लेकिन लाहुंड गांव के करीब 200 लोगों ने दोनों रथों को छीनने की कोशिश की। लाहुंड के हारियान बलागाड़ के हारियानों से देवता का रथ छीनने में कामयाब रहे। माता का रथ बलागाड़ के हारियानों के पास ही है। देवता के रथ में सोने के सात मोहरें, एक अष्टधातु मोहरा, चांदी के दो छत्र लगे हैं।
इसके साथ सोने की बनात और मंडाली भी छीनी गई है। माता त्रिपुरा बाला सुंदरी उसी जगह पर बैठ गई, जहां से देवता के रथ को लाहुंड गांव के लोग छीनकर ले गए थे। बलागाड़ के लोगों ने यहां टेंट डाल दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों गांवों के हारियानों का विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। डीएसपी बंजार बिन्नी मिन्हास ने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 47, 149, 341, 382, 295, 269, 270, 188 व 51 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जवान विवादित स्थल पर तैनात किए गए हैं।