मशीन ने इन नकली नोटों को अलग कर दिया था। मामले की जांच के बाद पता यह पैसा रंधाड़ा निवासी कारोबारी निधि सिंह ने जमा कराया है। उसे बीते दिन गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ से पुलिस को सुराग मिला जिसके बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
एसपी गुरदेव चंद शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तीनों आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इन्होंने कहां-कहां नकली पैसा सप्लाई किया है इसकी परतें भी जल्द खोली जाएंगी।
22 फरवरी को पीएनबी भंगरोटू की कैश डिपॉजिट मशीन में साढ़े सोलह हजार (500 के 33 नोट) के नकली नोट जमा कराने का पता चला। इसका पता चार दिन बाद चला। इसके बाद मामला पुलिस में पहुंचा और जांच शुरू हुई।
पहले पैसा जमा करने वाला कारोबारी निधि सिंह और उसके बाद सोमवार रात को दो और आरोपी पकड़े गए। तीन मिलकर इस नकली नोटों के रैकेट को चलाते थे।