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फर्जी डिग्री मामला: जम्मू से गिरफ्तार एजेंट के घर से बरामद किए 35 लाख रुपये

Tue, 22 Dec 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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मानव भारती विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले की जांच कर रही हिमाचल पुलिस की एसआईटी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच टीम ने हाल ही में जम्मू से पकड़े गए मनु जम्वाल से हुई पूछताछ के बाद उसके सांबा स्थित घर से 35 लाख रुपये बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि यह राशि उसने फर्जी डिग्रियां बिकवाकर हासिल की है। जांच एजेंसी ने गिरफ्तारी के बाद मनु की सात दिन की पुलिस रिमांड ली थी। कोशिश यही थी कि उससे इस पूरे रैकेट के काम करने के तरीके को विस्तार से समझा जा सके। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान ही उसने घर में पैसे होने की बात कबूली थी। एसआईटी चीफ व एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल ने बताया विश्वविद्यालय के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही मनु घर से भाग निकला था। विश्वविद्यालय के मालिक राज कुमार राणा व अन्य से पूछताछ व दस्तावेजों की छानबीन के दौरान मनु का नाम सामने आया तो एसआईटी ने उसकी तलाश में दबिश देना शुरू किया।

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कहा कि पिछले दो महीने से मनु लगातार फरार होने में कामयाब हो रहा था लेकिन एसआईटी की एक टीम सिर्फ उसकी ताक में जम्मू में ही डटी रही। नतीजा यह हुआ कि वह हत्थे चढ़ गया। अब पैसा बरामद होने के बाद उसके और राणा या विश्वविद्यालय के बीच के लेनदेन को साक्ष्यों के आधार पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें, विश्वविद्यालय के खिलाफ हरियाणा की एक महिला ने फर्जी डिग्री बेचने का आरोप लगाते हुए सोलन के धर्मपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में ही लाखों डिग्रियां बेचने की बात सामने आने लगी। मामला बड़ा मिलने पर डीजीपी संजय कुंडू ने जांच के लिए एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल की अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित कर दी। पहली बार ऐसा हुआ कि हिमाचल पुलिस की एसआईटी में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने अपने उप निदेशक स्तर के अधिकारियों को भी शामिल कर दिया। जांच टीमें एक तरफ डिग्री बेचने वालों की धरपकड़ में जुटी है। वहीं, दूसरी टीम उसकी संपत्तियों को चिह्नित कर अटैच करने के लिए दिनरात काम में जुटी हैं। टैक्स चोरी को लेकर आयकर के अधिकारी अलग से दस्तावेजों को खंगालने में जुटे हैं।

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