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जाली करंसी का सरगना, जिसका सच्च कर देगा परेशान

Tue, 07 Oct 2014 03:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सिरमौर
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हिमाचल प्रदेश नाहन में जाली नोटों के मामले में गिरफ्तार मुखिया के यमुनानगर स्थित घर से नाहन पुलिस ने हजार-हजार के और जाली नोट बरामद किए हैं।
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आरोपी सरगना की उम्र मात्र 19 वर्ष है और उसके माता पिता पहले ही चरस और जाली करंसी के मामलों में जेल में कैद है।  

आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी विकास कुमार (19) पुत्र राजाराम प्रसाद मूल निवासी गांव करमवा, जिला बेतिया (बिहार) के यमुनानगर घर से एक-एक हजार के दो नकली नोट बरामद किए गए हैं, जिसे उसने किताबों के अंदर छिपाकर रखा थ।

विकास कुमार यमुनानगर स्थित गुरुनानक खालसा स्कूल में 12वीं का छात्र है। उसके पिता राजाराम चरस रखने के आरोप में और माता नकली नोटों के कारोबार के मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं।
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नाहन कोर्ट ने उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। एसएचओ लायकराम सिसोदिया ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर उसके यमुनानगर घर की जब तलाशी ली गई तो वहां से हजार-हजार के दो नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने नोटों को सील कर दिया है।

ऐसे खुला नकली नोट गिरोह का राज
नाहन थाना क्षेत्र के तहत 22 सितंबर को नाहन पुलिस में पुरुषोत्तम दास तोमर निवासी ढाबों मोहल्ला नाहन की शिकायत पर आरोपी युवक अनिल कुमार एवं हरिंद्र कुमार निवासी करमवा जिला बेतिया (बिहार) को हजार-हजार रुपये के दो जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तार दोनों शातिर नाहन में नकली नोटों के धंधे से जुड़े थे और अपने काम को सुनियोजित तरीके से अंजाम देते थे। पुलिस ने जब दोनों युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया था कि उनको हरियाणा निवासी विकास कुमार ने कुछ दिन पहले तीस हजार रुपये दिए थे जिसे बाजार में चलाने के बदले प्रति नोट पर 100 रुपये कमीशन मिलता था।

दोनों युवक अभी तक नाहन बाजार में एक हजार के 28 नोट चला चुके हैं। 29वें नोट में वह पकड़े गए जबकि 30वां नकली नोट उनके कमरे से बरामद किया गया है।
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