आग लगने की झूठी सूचना ने रात भर पुलिस और दमकल दस्ते को दौड़ाए कर रखा। मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि उस गांव में कोई आग नहीं लगी है। पुलिस और दमकल दस्ते के मौके पर पहुंचने तक सूचना देने वाले ने मोबाइल फोन बंद कर दिया। करीब साठ किलोमीटर सफर करने के बाद पुलिस और दमकल की टीमें सुबह के समय वापस लौटीं।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब पौने बारह बजे दमकल केंद्र रोहड़ू को सूचना मिली कि जुब्बल तहसील के गिल्टाड़ी गांव में एक घर को आग लग गई है। सूचना दमकल केंद्र को मोबाइल नंबर 9882772476 से दी गई। सूचना देने वाले ने अपना नाम मोहन लाल बताया।
डीएसपी, एसडीएम को भी नहीं छोड़ा
उसने कहा उसके अपने घर में भयंकर आग लगी है। सूचना के बाद दमकल दस्ते ने डीएसपी रोहड़ू एसडीएम रोहड़ू को सूचित किया। रोहड़ू से राहत कार्य के लिए दमकल दस्ते का वाहन तुरंत मौके पर रवाना किया गया। सरस्वती नगर पुलिस चौके से पुलिस के जवानों को गिल्टाड़ी गांव के लिए रवाना किया गया।
करीब तीस किलोमीटर सफर करने के बाद दमकल का वाहन और पुलिस के जवान गिल्टाड़ी गांव पहुंचे। गिल्टाड़ी पंहुचने पर मोबाइल नंबर पर वापस संपर्क किया तो सूचना देने वाले का मोबाइल फोन बंद मिला। दमकल और पुलिस की टीम ने पंचायत प्रधान मैना तनेटा से संपर्क किया।
क्या कहना है पुलिस का
पंचायत प्रधान ने गांव में इस प्रकार की घटना से इनकार किया। मौके पर पहुंचने के बाद आग लगने की सूचना झूठी निकली। रोहड़ू दमकल केंद्र के प्रभारी सीता राम ने कहा कि झूटी सूचना के कारण पूरी टीम रात भर परेशान हुई।
डीएसपी राजकुमार चंदेल ने कहा कि झूठी सूचना देने वाले के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का मोबाइल फोन के आधार पर पता किया जा रहा है। झूठी अफवाह के कारण पूरी रात पुलिस के जवान और दमकल दस्ता परेशान रहा है।