प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में प्रतिबंधित भुक्की-गांजे का कारोबार बेखौफ सड़क किनारे झोपड़े बनाकर किया जा रहा है। नशे के सौदागर सस्ता तथा घातक नशा नशेड़ियों तक आसानी से बुजुर्गों और बच्चों के माध्यम से पहुंचा रहे हैं। नशे का यह खेल पुलिस थाना बरोटीवाला से महज 800 मीटर दूरी पर ही खेला जा रहा है।
ऐसे में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे सड़क के किनारों पर एनडीपीएस एक्ट 1985 को बौना साबित कर युवाओं को नशे की गर्त में धकेला जा रहा है। नशे का यह काला कारोबार झुग्गियों में बैठे प्रवासियों की आड़ में फैलाया जा रहा है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के दावे बद्दी पुलिस जितना भी कर ले, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ऐसा ही नजारा इन दिनों बरोटीवाला थाना के अधीन आने वाले झाड़माजरी क्षेत्र की सड़क पर देखने को मिल रहा है।
लाइव स्टोरी
मेडिकल स्टोर के साथ लगती खाली जमीन पर एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने नशे के सौदागरों की रहनुमाई में अपना झोपड़ा बनाकर नशेड़ी लोगों के लिए गांजा और भुक्की के सौ से लेकर दो सौ रुपये तक के पैकेट तैयार कर नशे की दुकानदारी चला रखी है। जानकारी के अनुसार यह दुकानदारी पिछले दो माह से इस एरिया में चल रही है। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं है।
बुजुर्ग महिला -बैठो बेटा, कितना चाहिए ?
रिपोर्टर - एक सौ रुपये का दे दो।
बुजुर्ग महिला -दो पैकेट मिलेंगे। सामान अभी खत्म हुआ है।
एक पर्ची देकर बुढ़िया फोन करने को कहती है। फोन पर गांजा ऑर्डर करने के बाद
रिपोर्टर - कितना समय लगेगा।
बुजुर्ग महिला - बस एक मिनट
रिपोर्टर - इतना कम क्यों रखते हो, ज्यादा रखा करो डिमांड के हिसाब से ?
बुजुर्ग महिला - बस लग जाता है तो और ला देते हैं।
रिपोर्टर - दादी इस उम्र में ये काम?
बुजुर्ग महिला - क्या करें सब देखना पड़ता है।
रिपोर्टर-और कितना समय लगेगा।
बुजुर्ग महिला - लो आ गया स्कूटी पर सामने से एक व्यक्ति