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मजबूर बुजुर्गों को सहारा बनाकर झोपड़ी में बेचा जा रहा नशा

Sat, 14 May 2016 09:33 AM IST
हेमंत शर्मा/अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
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नशे के सौदागर बुजुर्ग। - फोटो : अमर उजाला
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 प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में प्रतिबंधित भुक्की-गांजे का कारोबार बेखौफ सड़क किनारे झोपड़े बनाकर किया जा रहा है। नशे के सौदागर सस्ता तथा घातक नशा नशेड़ियों तक आसानी से बुजुर्गों और बच्चों के माध्यम से पहुंचा रहे हैं। नशे का यह खेल पुलिस थाना बरोटीवाला से महज 800 मीटर दूरी पर ही खेला जा रहा है।
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ऐसे में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे सड़क के किनारों पर एनडीपीएस एक्ट 1985 को बौना साबित कर युवाओं को नशे की गर्त में धकेला जा रहा है। नशे का यह काला कारोबार झुग्गियों में बैठे प्रवासियों की आड़ में फैलाया जा रहा है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई के दावे बद्दी पुलिस जितना भी कर ले, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ऐसा ही नजारा इन दिनों बरोटीवाला थाना के अधीन आने वाले झाड़माजरी क्षेत्र की सड़क पर देखने को मिल रहा है।
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लाइव स्टोरी
मेडिकल स्टोर के साथ लगती खाली जमीन पर एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने नशे के सौदागरों की रहनुमाई में अपना झोपड़ा बनाकर नशेड़ी लोगों के लिए गांजा और भुक्की के सौ से लेकर दो सौ रुपये तक के पैकेट तैयार कर नशे की दुकानदारी चला रखी है। जानकारी के अनुसार यह दुकानदारी पिछले दो माह से इस एरिया में चल रही है। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं है।

बुजुर्ग महिला -बैठो बेटा, कितना चाहिए ?
रिपोर्टर - एक सौ रुपये का दे दो।
बुजुर्ग महिला -दो पैकेट मिलेंगे। सामान अभी खत्म हुआ है।
एक पर्ची देकर बुढ़िया फोन करने को कहती है। फोन पर गांजा ऑर्डर करने के बाद
रिपोर्टर - कितना समय लगेगा।
बुजुर्ग महिला - बस एक मिनट
रिपोर्टर - इतना कम क्यों रखते हो, ज्यादा रखा करो डिमांड के हिसाब से ?
बुजुर्ग महिला - बस लग जाता है तो और ला देते हैं।
रिपोर्टर - दादी इस उम्र में ये काम?
बुजुर्ग महिला - क्या करें सब देखना पड़ता है।
रिपोर्टर-और कितना समय लगेगा।
बुजुर्ग महिला - लो आ गया स्कूटी पर सामने से एक व्यक्ति
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फिर यह हुआ

नशे के सौदागर बुजुर्ग। - फोटो : अमर उजाला
काले रंग की स्कूटी पर लाल रंग की कमीज पहने एक शख्स मैदान में पहुंचकर बुढ़िया को पास बुलाता है। वह गोपनीय तरीके से बुढ़िया को गांजा और भुक्की की कुछ खेप देकर वहां से चला जाता है। इस दौरान चार से पांच ग्राहक बुढ़िया से गांजा के पैकेट लेकर निकल जाते हैं। कोई मस्ती में तो कोई घबराहट के साथ।

इस घटनाक्रम ने औद्योगिक शहर में पुलिस के नशाखोरी पर नियंत्रण के दावों की पोल खोलकर रख दी। आखिरकार पुलिस थाना बरोटीवाला से करीब 800 मीटर दूर खुलेआम प्रतिबंधित नशे की दुकानदारी को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे में शहर में किस प्रकार युवाओं को इस नशे से दूर रखा जा सकता है। यह विचार पुलिस को करना होगा।

एक साल का पुलिस रिकॉर्ड
अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत कुल 26 मामले तैयार किए हैं। इस दौरान 32 लोगों को नशा बेचने के जुर्म में हिरासत में लिया गया है। सबसे ज्यादा मामले बद्दी थाना क्षेत्र के जुडी-खुर्द, सनसिटी और सिक्का चौक के समीप पकड़े गए हैं।

पकड़े गए नशीले पदार्थों का ब्योरा
1 चूरा पोस्त - 462 किलोग्राम
2 चरस -1.916 किलोग्राम
3 नशीली गोलियां - 43750
4 रेक्सकफ - 47700 मिलीग्राम
5 नशीले कैप्सूल - 2712
6 कोरेक्स - 1900 एमएल
7 गांजा - 171 ग्राम
8 हेरोइन - 2.81 ग्राम

इंटर स्टेट रोड पर पुलिस चेक पोस्ट का अभाव
बीबीएन में एंट्री करने पर पुलिस केवल बरोटीवाला और ढेरोवाला में ही चेक बैरियर लगाती है। बीबीएन में एंट्री के कुल नौ मुख्य रास्ते हैं। बीबीएन में पड़ोसी राज्य से प्रवेश के कई अन्य चोर रास्ते भी हैं। इनके माध्यम से नशे का काला कारोबार आसानी से चलाया जा सकता है।
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