हिमाचल के सिरमौर जिले के सैनवाला इलाके में एक दवा निर्माता कंपनी में दबिश देकर सैनिटाइजर निर्माण और दवा उत्पादन पर रोक लगा दी गई है। विभाग ने सैनिटाइजर के तीन सैंपल भी लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा है। सैनवाला-कौलावाला भूड़ संपर्क मार्ग स्थित ब्रिट लाइफ साइंसेज दवा उद्योग में बिना रसायनज्ञ के सैनिटाइजर व दवाओं का उत्पादन किया जा रहा था। हालांकि, रसायनज्ञ की जगह दूसरे केमिस्ट की तैनाती की गई थी, लेकिन वह नियमों के विपरीत था।
विभाग ने शिकायत के आधार पर कंपनी पर कार्रवाई की है। शिकायत में कहा गया था कि उद्योग में बिना मुख्य केमिस्ट दवा और सैनिटाइजर का निर्माण किया जा रहा है। ड्रग निरीक्षक ललित कुमार ने उद्योग में दबिश दी और उत्पादन रुकवा दिया। सैनिटाइजर बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही दवाओं के सैंपल जांच को भेजे हैं। विभाग ने दवा कंपनी में तैयार 9500 बोतल सैनिटाइजर का स्टॉक सीज कर दिया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दवा निरीक्षक ललित कुमार ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि बिना मुख्य केमिस्ट के दवा उद्योग में जो सैनिटाइजर बने हैं, वह गुणवत्ता में कितने खरे उतरते हैं। यदि सैंपल फेल होते हैं तो उद्योग पर कार्रवाई होगी। उधर, जिला सहायक दवा नियंत्रक सन्नी कौशल ने बताया कि उद्योग में बिना मुख्य केमिस्ट सैनिटाइजर का निर्माण किया जा रहा था। टीम ने कंपनी में रखा सैनिटाइजर का स्टॉक सील किया है। दवा निर्माण पर रोक लगा दी है। तीन सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।