मगर पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया है उससे हर कोई सकते में हैं। आरोपियों में राजकुमार थापा, चेती राम, अशोक थापा और नवीन उर्फ निर्मल शामिल हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्होंने महज आठ हजार रूपए के लिए दो लोगों को निर्ममता से मौत के घाट उतार डाला।
हत्या में इस्तेमाल किए हथियारों की बरामदगी अभी नहीं हो पाई है। यह क्या एक संगठित गिरोह है इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। अब तक की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह कत्ल महज आठ हजार रुपये के खातिर ही हुए हैं।
कत्ल के बाद आरोपी दिली बहादुर की जेब से करीब आठ हजार लूट कर ले गए थे। आरोपियों से पूछताछ जारी है। इन्हें कुल्लू से पकड़ा है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है।
कुछ और संदिग्धों को भी पकड़ा है जिनसे पूछताछ का सिलसिला चल रहा है। आईएसबीटी के पास हुए दो ब्लाइंड मर्डर मामले में गिरफ्तार नेपाली मूल के चारों युवकों ने अपना गुनाह पुलिस के सामने कबूल कर लिया है।
पहले पिलाई शराब फिर मार डाला
यह सब्जी मंडी कुल्लू में काम करते हैं और भुंतर में रहते हैं। कत्ल हुए दिली बहादुर और संजीत 19 जनवरी को आईएसबीटी गए थे। इन्होंने यहां से नेपाल जाना था। आईएसबीटी पहुंचने पर इन्हें राजकुमार और चेतीराम मिले।
चारों लोग शराब पीने बस स्टैंड से नीचे खनोग गांव की ओर चले गए। शराब पीने के बाद राज कुमार और चेतीराम ने दिली बहादुर की पिटाई कर दी। दिली बहादुर वहां गिर गया और उसकी मौत हो गई।
इसके बाद राज कुमार और चेतीराम, संजीत को बहलाकर ऊपर की ओर ले लाए। कुछ दूर पहुंचते ही संजीत का गला घोंट कर उसे मार दिया। मामला छिपाने के लिए राज कुमार और चेतीराम ने संजीत की गर्दन काट दी थी।
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल किया है। हथियार अभी बरामद किए जाने हैं।
शिमला। लॉंगवुड के पास जंगल में कत्ल हुए नेपाली मूल के युवक की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है।
लूटपाट के इरादे से हुई दोनों हत्याएं
29 दिसंबर को इसका शव पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ऐसा मानकर चल रही है कि इसकी हत्या भी लूटपाट के इरादे से ही की गई हो। कत्ल के आरोप में पकड़े गए आरोपियों से इस बारे में पूछताछ चल रही है। संभव है आने वाले दिनों में इस कत्ल से भी पर्दा उठ जाए।
उधर आईएसबीटी के पास पांजडी रोड में 20 जनवरी को पुलिस को सिर कटी लाश और सिर बरामद हुआ था। इस शव की शिनाख्त नहीं हुई थी। 22 जनवरी को आईएसबीटी से नीचे सटे खनोग गांव में एक और शव मिला था।
यह शव नेपाल मूल के दिली बहादुर का था। जांच के दौरान पता चला कि दिली बहादुर अपने भांजे संजीत चौधरी के साथ हीरानगर के पास खनेट गांव में रहता था। यहां यह मेहनत मजदूरी करते थे। दिली बहादुर और संजीत को खनेट गांव में आखिरी बार 19 जनवरी को देखा गया था।
मंडी के गोहर से भी दो आरोपी धरे
आईएसबीटी टुटीकंडी मर्डर केस में गोहर पुलिस के सहयोग से शिमला से आई पुलिस ने जंजैहली के मगरूगला से नेपाली मूल के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हत्या के बाद आरोपी मगरूगला में छिपे थे। गोहर पुलिस ने रविवार जंजैहली के मगरूगला में छिपे आईएसबीटी टुटीकंडी मर्डर केस के दो आरोपियों को दबोचा है।
गुप्त सूचना के आधार पर शिमला और गोहर पुलिस ने दो नेपाली मूल के आरोपियों को मगरूगला से गिरफ्तार किया किया है। इसमें आरोपियों की पहचान जंग भादर उर्फ आइडिया और डाबर साही के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हत्या करने के बाद मगरूगला में अपने रिश्तेदार के घर छिपे थे।
शिमला से डीएसपी अमित ठाकुर की अगुवाई में पुलिस टीम जंजैहली पहुंची थी। पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गए हैं। गोहर थाना प्रभारी लाल सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस हत्या मामले की छानबीन कर रही है।