विवादित बाबा अमरदेव को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने कोर्ट परिसर से ही बाबा को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान सीआईडी ने कोर्ट में कहा कि बाबा ने पूरी पूछताछ के दौरान अपना पैतृक ठिकाना नहीं बताया है। सीआईडी बाबा को अब रविवार को कोर्ट में पेश करेगी।
बाबा और ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट में घायल महिला के हाथ में फ्रेक्चर की मेडिकल रिपोर्ट के बाद सीआईडी ने आईपीसी की धारा 324 भी जोड़ दी थी जो गैर जमानती है। ऐसे में कोर्ट ने नए दस्तावेजों और सीआईडी की दलील को ध्यान में रखते हुए बाबा की जमानत याचिका खारिज कर दी।
इससे पहले शनिवार सुबह कोर्ट में पेश होने के लिए बाबा अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। बाबा के समर्थक उन्हें गाड़ी से उठाकर कोर्ट तक ले गए। सुनवाई के दौरान स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के भारी प्रबंध किए थे। हालांकि, जमानत याचिका खारिज होते ही बाबा के समर्थक कोर्ट परिसर से गायब हो गए और सीआईडी बाबा को गिरफ्तार कर ले गई।
पांच साल में ही सेवादार से बन गए करोड़पति
सीआईडी के पास बाबा अमरदेव के पांच साल के जीवनकाल की जानकारी है, जब वह कसौली के मंदिर देवीमोड़ में सेवादार थे। उस समय बाबा मशहूर नहीं थे। लेकिन कुछ ही वक्त में उनके पास महंगी गाडि़यां और करोड़ों रुपये की मूर्तियां आ गईं।
बड़े राजनेताओं से कनेक्शन भी सामने आने लगे, जो अभी तक कई लोगों के लिए रहस्य बने हुए हैं। आखिर कुछ ही सालों में बाबा ने कौन से कनेक्शन के जरिये यह दौलत जोड़ी।
सीआईडी अब बाबा के पैतृक गांव के पते से बाबा की पूरी पोल-पट्टी खोलना चाहती है। बाबा ने सीआईडी को बस इतना बताया है कि उन्हाेंने हरियाणा के अखाड़े से सिद्धि हासिल की है। यह नहीं बताया कि सिद्धि के लिए वह कहां से आए। बाबा के पिछले जीवनकाल के राज खंगालने के लिए सीआईडी हरियाणा के अखाड़े में भी दबिश दे सकती है।
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