जुलाई 2014 में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में एडिशनल सेशन जज-2 शिमला राजेश तोमर की अदालत ने कांड के मामले पर फैसला देते हुए वीरवार को हत्या के आरोपी नेपाली मूल के अमर बहादुर को उम्र कैद की सजा और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की पैहरवी करने वाले जिला न्यायावदी हरीश नेगी ने बताया कि आरोपी ने दस जुलाई को मृतक कृष्ण चंद और उसकी मां की हत्या की थी।
कृष्ण चंद दस जुलाई 2014 को आरोपी को उसके परिवार के साथ अपने घर लेकर आया था। उसी दिन उसे ठहरने के लिए एक अलग कमरे और लकड़ी काटने को कुल्हाड़ी दी गई थी। उसी दिन देर शाम करीब साढ़े सात बजे जब किशन चंद अपनी पत्नी निशा देवी और मां सोधा देवी के साथ किचन में थे, तो आरोपी अमर बहादुर ने कृष्ण चंद को कमरे का बल्ब खरब होने का बहाने से बुलाया। कुछ देर बाद पत्नी को बाहर से कुछ गिरने की आवाज आई।
इस पर जब उसकी सास बाहर गई। उसे फिर से उसी तरह से कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। बाहर जा कर देखा तो, उसका पति कृष्ण चंद बरामदे में पड़ा हुआ है, वहीं सास सोधा देवी भी उसके समीप पड़ी हुई है, आरोपी हाथ में कुल्हाड़ी ले कर खड़ा नजर आया। उसे देखते ही वह जंगल की ओर भाग गया। उसने देखा तो उसके पति कृष्ण चंद की गरदन पर गहरे घाव थे और उससे खून बह रहा था।
वहीं सास के सिर में गहरी चोटे लगी थी और वह अचेत अवस्था में पड़ी थी। इस पर उसने अपने पड़ोसी को सूचित किया जिसने पुलिस को घटना की सूचना दी। सास की आईजीएमसी ले जाते हुए मौत हो गई। पुलिस ने हत्याआरोपी को गुज्जरों की मदद से छाजपुर के जंगलों से गिरफतार किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन की।