राष्ट्रीय ग्रामीण शहरी मिशन (एनआरयूएम) के फंड में 83 लाख की हेराफेरी पर पशुपालन महकमे के अधीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है। सरकारी फंड की इस रकम को आरोपी 5 अप्रैल, 2010 से लेकर 7 मार्च, 2018 तक अपने खाते में ट्रांसफर करवाता रहा। जब मामला सामने आया तो आरोपी ने 58 लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन शेष राशि ब्याज सहित रिकवर करना बाकी है। अब विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि यह रकम आरटीजीएस और विभिन्न जगहों से मिले चेक के माध्यम से आई थी। करीब आठ साल तक आरोपी राशि अपने खाते में डालता रहा और जब राज खुला तो उसने 58 लाख रुपये सरकारी खजाने में वापस जमा कर दिए, लेकिन शेष राशि ब्याज सहित बकाया है। डीएसपी विजिलेंस संतोष शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 409, 420, 120बी, 13 (1) व 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जल्द ही इस केस में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।