14 जून 2014 की शाम को चार साल के युग का अपहरण हो गया था।
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राजधानी के राम बाजार इलाके में दो साल पहले 14 जून को हुए चार साल के बच्चे युग गुप्ता के अपहरण के मामले में जांच कर रही स्टेट सीआईडी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच कर रहे अधिकारियों को शक है कि पैसों के लालच में ही दोनों आरोपियों ने युग का अपहरण किया। हालांकि, बच्चा कहां है इस बारे में कुछ भी स्थिति साफ नहीं है।
वहीं, आधिकारिक रूप से अधिकारी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सीआईडी सिर्फ इस बात की पुष्टि के लिए पूछताछ में जुटी हुई है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से ताल्लुक रखने वाले विनोद कुमार उर्फ बबलू गुप्ता शहर की राम बाजार में जनरल मर्चेंट की होलसेल की दुकान है। 14 जून 2014 की शाम को उनका चार साल का बेटा युग गुप्ता गायब हो गया।
पिता ने अपहरण की आशंका जताते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कराई। करीब दो साल की जांच के दौरान पहले पुलिस और फिर सीआईडी ने करीब दो सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। कुछ समय पहले सीआईडी को राम बाजार में ही रहने वाले तेजेंद्रपाल और चंद्र शर्मा पर शक हुआ।
शक के आधार पर सीआईडी ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों को नार्को टेस्ट के लिए गुजरात ले जाया गया लेकिन दोनों ने ही टेस्ट कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों को सीआईडी वापस शिमला ले आई लेकिन सीआईडी की एक टीम काल डिटेल, उस दिन दोनों की लोकेशन और परिवार व परिचितों से बातचीत कर जानकारी जुटाती रही।
दो दिन पहले कुछ पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सीआईडी के डीएसपी धनसुख दत्ता ने बताया कि शक के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद ही मामले में कुछ भी बताया जा सकता है।
इसलिए गहराया शक
सीआईडी ने तेजेंद्र और चंद्र को नार्को के लिए बुलाया तो दोनों ने जांच से ऐन पहले मना कर दिया।
जांच में जुटी सीआईडी की शक की सुई सबसे पहले युग के पिता की दुकान में काम करने वाले नौकरी पर गई। जांच के बाद नौकरों का नार्को टेस्ट कराया गया जहां से भी सभी नौकर साफ निकल गए।
लेकिन कुछ समय पहले जब सीआईडी ने तेजेंद्र और चंद्र को नार्को के लिए बुलाया तो दोनों ने जांच से ऐन पहले मना कर दिया। दोनों के आनाकानी करने के बाद ही सीआईडी का शक मजबूत हो गया।
दो साल से बेटे की राह तक रहा परिवार
14 जून 2014 को गायब हुए युग की तलाश के दौरान जब जब सीआईडी ने किसी को दबोचा तब तब परिवार की आस जग गई। परिवार को संभालने की जिम्मेदारी लिए पिता बबलू तो फिर से काम पर लौट गए लेकिन मन में एकलौते बेटे के गायब होने की टीस
आज तक कायम है। वहीं, मन्नतों के बाद हुए बेटे की आस में आज भी युग की मां कृष्णा देवी उसकी राह तक रही है। वहीं, भाई की याद में बहनों ईशा और भूमि का भी बुरा हाल है।
यह था मामला
14 जून 2014 की शाम को बबलू गुप्ता का बेटा युग गुप्ता संदिग्ध हालात में गायब हो गया। घरवालों को लगा कि वह दुकान गया है लेकिन रात करीब नौ बजे जब वह नहीं लौटा और दुकान बंद हो गयी तब उसकी तलाश शुरू हुई। इस बीच जागरण में गए बबलू भी लौट आए। काफी तलाश के बाद जब युग का पता नहीं चला तो अपहरण की आशंका जताते हुए बबलू ने एफआईआर दर्ज करा दी।
जांच के दौरान बबलू को कई बार फिरौती के लिए फोन आए लेकिन जांच में वह उनका कुछ पता नहीं चल सका। कुछ समय बाद परिवार की मांग पर जांच को सीआईडी के हवाले कर दिया गया। करीब दो साल और दो सौ से ज्यादा लोगों की जांच पड़ताल के बाद अब पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।