फर्जी फोन टैपिंग मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के मामले की जांच कर रही सीआईडी ने एक पूर्व व एक वर्तमान आईएएस अधिकारी से पूछताछ की। रिटायर्ड अधिकारी फोन टेपिंग केस के दौरान शिमला के उपायुक्त थे जबकि वर्तमान आईएएस अधिकारी उस समय एडीसी के पद पर कार्यरत थे। पूछताछ के दौरान केस से संबंधित कई सवाल पूछे गए जिसने यह जानने का प्रयास किया गया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को पुलिस की कार्रवाई में क्यों भेजा।