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यहां तपती दुपहरी में नौनिहालों से ढुलवाई ईंटें, फोटो हुए वायरल

Tue, 03 Apr 2018 10:45 AM IST
नीरज महाजन, अमर उजाला, भराड़ी (बिलासपुर)
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घुमारवीं उपमंडल के राजकीय उच्च विद्यालय गाहर के नौनिहालों से तपती दुपहरी में ईंटें ढुलवाई गईं। स्कूल में बन रहे कमरों के लिए बच्चों से ईंटें दुलवाने का फोटो किसी युवक ने सोशल मीडिया में अपलोड कर दिया। 

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इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर सवालों की बौछारें शुरू कर दीं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि परीक्षा परिणाम निकलने के बाद दूसरे दिन क्या बच्चों को स्कूल में ईंटें ढुलवाने के लिए बुलवाया गया था।

परीक्षा परिणाम निकलने के बाद दूसरे ही दिन सोमवार को बच्चे नए कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचे। यहां पहुंचते ही बच्चों से ईंट ढुलवाने के काम में लगा दिया गया। सरकारी निर्देशों के अनुसार किसी भी स्कूल में बच्चों से किसी भी प्रकार का इस तरह का काम करवाना अपराध है। 

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यहां जानिए क्या है पूरा मामला

लेकिन सोमवार को सामने आए इस घटनाक्रम से इन निर्देशों की हकीकत भी सामने आ गई। इस दौरान राह चलते एक युवक ने बच्चों का फोटो खींच लिया। इसके बाद स्कूल के अध्यापकों ने बच्चों को इस काम से हटा दिया। अब सोचनीय पहलू है कि आखिर बच्चों से इस प्रकार का कार्य करवाना कहां तक सही है।

अगर स्कूल में कमरों का निर्माण कार्य हो रहा था तो क्या इस कार्य को करवाने के लिए बच्चों से मजदूरों जैसा काम लेना सही है। सवाल यह भी उठता है कि क्या पैसों को बचाने या मजदूरों की दिहाड़ी स्वयं लेने के लिए बच्चों से इस तरह का कार्य करवाया जा रहा था।

फोटो खींचने वाले युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्कूल में बच्चों से ईंटें ढुलवाने का काम करवाया जा रहा था। आखिर किसके कहने से यह कार्य करवाया गया है इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन स्कूल में अध्यापकों की उपस्थिति में यह सब हो रहा था। आखिर किसके कहने पर बच्चों से ये काम करवाया गया। उसे यह पता नहीं है। 
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कार्य करवाने की मिली जानकारी: प्रधान

सूत्रों के मुताबिक जिस युवक के फोटो खींचने पर स्कूल के कुछ अध्यापकों ने आपत्ति भी जताई थी। इस दौरान अध्यापक की युवक के साथ कहासुनी भी हो गई। स्कूल के एसएमसी प्रधान अनिशा शर्मा ने बताया की वह अभी अपने निजी काम से बाहर हैं।

स्कूल में बच्चों से इस प्रकार का कार्य करवाने की जानकारी मिली है। इसको लेकर स्कूल मुख्याध्यापक से बात की गई है। स्कूल पहुंचकर इसकी जानकारी ली जाएगी।स्कूल के मुख्य अध्यापक राजपाल जगौता ने कहा कि इस तरह का कोई भी वाक्या स्कूल में नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले दिन कम संख्या में बच्चे स्कूल में आए थे। स्कूल परिसर के बाहर बच्चे क्या कर रहे थे उन्हें जानकारी नहीं है। स्कूल के बच्चों को किसी प्रकार का काम करने को नहीं कहा जाता है।
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