हिमाचल प्रदेश के उपभोक्ताओं से बिल वसूलकर जीएनजी कंपनी चलता बनी। इससे राज्य विद्युत बोर्ड को 14 करोड़ रुपये का सीधे तौर पर चूना लगा है। बोर्ड प्रबंधन ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। इतना ही नहीं बल्कि जीएनजी कंपनी को ब्लैक लिस्ट में भी डाल दिया है।
बोर्ड प्रबंधन अब प्रदेश के उपभोक्ताओं से बिल वसूलने के लिए नई कंपनी की तलाश कर रहा है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से बिल की वसूली करने के लिए बोर्ड प्रबंधन ने एक कंपनी को ठेका दिया था। इस कंपनी ने उपभोक्ताओं से कुछ समय तक बिल वसूल कर बोर्ड के खाते में राशि तो जमा की।
लेकिन कुछ समय बाद बिल वसूलकर अपने खाते में राशि जमा करती रही। तकरीबन 14 करोड़ की रकम वसूलकर कंपनी चलता बनी। इसकी भनक तक बोर्ड प्रबंधन को नहीं लगी। कंपनी की ओर से बोर्ड को जो चेक दिया गया, वह बाउंस हो गया। इससे प्रबंधन के होश उड़ गए हैं।
इसके बाद प्रबंधन के आईटी सेल की ओर से मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। साथ ही कंपनी से वसूली के लिए मामले को अदालत तक ले जाया जा रहा है। राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी ने बताया कि जिस कंपनी को बिल वसूलने के लिए ठेका दिया गया था उस कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिल वसूलकर बोर्ड के पास राशि जमा नहीं की है।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अब नई कंपनी की तलाश की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं से बिल वसूल किया जा सके।