राजधानी शिमला और आसपास फैले चरस और अफीम के काले कारोबार के तार उत्तराखंड से जुड़े हैं। मामले में दूसरे दिन पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उत्तराखंड के तस्कर को एक किलो 200 ग्राम अफीम के साथ सनैल (हिमाचल-उत्तराखंड का बॉर्डर क्षेत्र) में धरा है। पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में जाल बुना और तस्कर को सनैल बुलाकर धरा।
इसे पूछताछ के लिए शिमला लाया गया है। शनिवार को पकड़े दूसरे सप्लायर दीप राम के साथ मेहर सिंह नामक इस शख्स को भी अदालत में पेश किया गया। दोनों को चार अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। एएसपी भजन नेगी ने इसकी पुष्टि की है। मामले की जांच कर रही टीम ने टुटू में पकड़े गए नशे के कारोबारी दीप राम को अफीम सप्लाई करने वाले मेहर सिंह (निवासी कुल्हा, पीओ मंढोल, तियूणी, उत्तराखंड) उत्तराखंड को जुब्बल के समैला से शनिवार रात को एक किलो 200 ग्राम अफीम के साथ रंगे हाथों पकड़ा।
पुलिस ने इस सप्लायर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि है कि वह पिछले दो साल से दीप राम को डिमांड के मुताबिक अफीम सप्लाई करता था। जिला और प्रदेश में सक्रिय ड्रग तस्करों पर नकेल कसने में शिमला पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। पुलिस दावा कर रही है कि इस मामले में भी और खुलासे हो सकते हैं।
ऐसे तय होता है रेट- प्रति तोला दो हजार रुपये न्यूनतम रेट तय होता था। अफीम की क्वालिटी के आधार पर भी खरीद फरोख्त का काला कारोबार चलता था। पकड़ी गई अफीम की न्यूनतम कीमत करीब ढाई लाख तक आंकी गई है।
एएसपी सिटी भजन नेगी, एएसपी (ग्रामीण) रोहित मालपानी के नेतृत्व में पूरी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। तीन दिन में दो युवकों सहित दो ड्रग सप्लायरों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जतोग पुलिस ने गश्त के दौरान दिव्य नगर से दो युवकों को अफीम के साथ पकड़ा था। वहां से पता मिलने पर दीप राम के घर पर रेड की गई, और दीप राम से पूछताछ के बाद सप्लायर को धर दबोचा गया।
मेहर को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऐसे बुना जाल- एएसपी भजन नेगी के मार्गदर्शन में जांच कर रही शिमला पुलिस की टीम ने राजधानी के चरस और अफीम कारोबारी दीप राम को गिरफ्तार किया। इसके बाद थाने में उससे घर तक चरस और अफीम पहुंचाने वाले का नाम उगलवाया। पुलिस ने दीप राम से उसी के नंबर से ही उत्तराखंड के सप्लायर को फोन करवाया।
फोन पर उसे अफीम लाने को कहा तो, सप्लायर मेहर सिंह ने शिमला न आने की बात कहकर दीप को जुब्बल आकर अफीम लेने को बुलाया। उसके बाद यहां से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी और सिक्योरिटी स्टाफ की टीम सनैल पहुंची और मेहर सिंह को अफीम के साथ दबोच लिया। इसके बाद उसे शिमला लाया गया।
पुलिस को नहीं मिल रहे थे दीप राम के खिलाफ सबूत- पुलिस को शक था कि दीप राम लंबे समय से चरस और अफीम का काला कारोबार रहा था। हालांकि, दीप के खिलाफ अब तक पुलिस को पुख्ता सबूत नहीं मिल रहा था। घर पर मिले दस दस मोबाइल, दो लेपटॉप, 96 सिम कार्ड की बरामदगी, घर में एक से बढ़कर एक बनाए अफीम चरस छुपाने के स्थान से जाहिर है कि वह आधुनिक और हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर सालों से इस धंधे को करता आ रहा था।
हर किसी को नहीं दी जाती चरस, अफीम- सूत्रों की माने तो हर किसी को चरस और अफीम नहीं दी जाती थी, बाकायदा हर व्यक्ति की छानबीन दीप राम अपने स्तर पर करता था, उसके बाद ही उसे नशा बेचा जाता था।