भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) से चोरी हुआ बेशकीमती घंटा।
- फोटो : फाइल फोटो
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) से बेशकीमती घंटा चोरी मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम यहां दस दिन पूछताछ और खास जानकारी जुटाकर शनिवार को दिल्ली रवाना हो गई।
सीबीआई ने घटना के बाद चोरी के शक में पुलिस हिरासत में रहे लोगों और उस समय संस्थान में तैनात रहे प्राइवेट सिक्योरिटी गार्डों के बयान दर्ज किए हैं। टीम इन्हें साथ लेकर एडवांस्ड स्टडी भी पहुंचीं, जहां वारदात को समझने का प्रयास किया गया।
बता दें कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद घंटा चोरी होने से यहां के सुरक्षाकर्मी संदेह के दायरे में रहे हैं। इस संबंध में थाना बालूगंज में 22 अप्रैल 2010 को चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने काफी हाथ-पांव मारे लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
अनट्रेस रिपोर्ट तैयार करने के बाद मामला बंद करने के लिए न्यायिक दंडाधिकारी शिमला के समक्ष पुलिस ने आवेदन किया लेकिन संस्थान ने इसका विरोध किया और दोबारा जांच की मांग की। पुलिस जांच क्लोजर रिपोर्ट से असंतुष्ट संस्थान ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी, जिसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है।
नेपाल के राजा ने तोहफे में दिया था बेशकीमती घंटा- वर्ष 1903 में 30 किलो का दुर्लभ धातु से बना घंटा नेपाल के राजा ने तत्कालीन वायसराय को भेंट के तौर पर दिया था। 21 अप्रैल 2010 की रात को यह घंटा चोरी हो गया। अष्टधातु से बना यह घंटा बेशकीमती बताया जाता है और इसकी कीमत अरबों में आंकी गई है।