घूस लेने के आरोपी जाइंट डायरेक्टर तिलकराज के सियासी रसूख के चलते उसके कारनामों पर पर्दा पड़ा रहा। उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले अधिकारियों को इसका खामियाजा उठाना पड़ा। जिसने उसकी शिकायत की उसे उद्योग विभाग से ही हटा दिया गया।
तिलकराज की अनियमितताओं की जांच करवाने की संस्तुति करने वाले एक अधिकारी को उसके पद से हटा दिया। एक दूसरे अधिकारी ने जब तिलकराज की मनमानी के खिलाफ मुंह खोलना चाहा
तो उसके सियासी आकाओं व आला अधिकारियों ने उसे खरी खोटी सुनाई। उसने विभागीय कार्यशैली को अपने हिसाब से चलाया। सरकारी पत्रवालियों को निदेशक के मार्फत भेजने की जगह सीधे शासन को भेजता रहा।
निदेशालय ने कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल
निदेशालय ने तिलकराज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। सितंबर 2016 को निदेशक की ओर से शासन को एक पत्र भेजा गया। इस पत्र में निदेशक ने तिलकराज के खिलाफ जांच की संस्तुति मांगी थी।
सूत्रों के मुताबिक 10 सितंबर को लिखे पत्र में बिना सूचित किए कार्यालय से गायब रहने, इसके अलावा सड़कों के टेंडर जारी करने में नियमों का पालन नहीं करना और निदेशक की जगह सीधे उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करने का मामला था।
हिमाचल में पहली बार करवाई जाने इन्वेस्टर मीट के संबंध में विभाग के संज्ञान में लाए बिना सरकार से सीधी अनुमति लेने का उल्लेख है। निदेशक के इस पत्र पर शासन के संज्ञान लेने से पहले ही निदेशक का तबादला हो गया। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विभाग खामोश, सचिवालय में आरोपी की फाइल नहीं
रिश्वत लेने के मामले में जब से सीबीआई ने तिलकराज को पकड़ा है। तब से सचिवालय में अफरातफरी का माहौल है। सचिवालय उद्योग विभाग का कोई भी इस अधिकारी इस विषय पर बोलने से गुरेज कर रहा है। उद्योग विभाग से लेकर सचिवालय अधिकारियों में इस मामले को लेकर बैठकें हो रही हैं।
तिलक को पैसा देने वाले उद्यमियों से सीबीआई करेगी पूछताछ
पांच लाख रुपये रिश्वत प्रकरण में पकड़े गए संयुक्त निदेशक (निलंबित) तिलकराज शर्मा और उद्योगपति अशोक राणा से पूछताछ में हिमाचल के जिन उद्योगपतियों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ होगी। यह भी खुलासा हुआ था कि वे पहले भी कई बार संयुक्त निदेशक को पैसे दे चुके हैं।
सीएम के ओएसडी से जुड़ रहे रिश्वत प्रकरण में वीरवार को सीबीआई ने तिलकराज और अशोक राणा से लंबी पूछताछ की। इस दौरान कई नए खुलासे हुए। सूत्रों के अनुसार तिलकराज ने प्रदेश के कुछ उद्योगपतियों के नाम लिए हैं, जिनसे वह पहले भी लगातार पैसे लेता रहा है।
हालांकि अभी यह खुलासा नहीं हो सका है कि वह यह पैसे खुद के लिए लेता था या कहीं पहुंचाने के लिए। फिलहाल जांच पड़ताल के बाद सीबीआई ने कुछ उद्योगपतियों को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनकी तिलकराज और अशोक राणा से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
बिचौलिए को फिर पूछताछ के लिए बुलाया
दो दिन लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने एक बार फिर बिचौलिए सुरेश पठानिया को पूछताछ के लिए बुलाया है। संभवतया: पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी की जा सकती है।
वहीं, सीबीआई ने पीएस रघुवंशी का मोबाइल भी जब्त कर जांच के लिए सीएफएसएल भेज दिया है। इससे पहले पठानिया का फोन भी सीएफएसएल भेजा जा चुका है। सूत्रों के अनुसार दोनों के मोबाइल से काफी डाटा डिलीट किया गया है। सीबीआई दोनों के फोन से यह डाटा रिकवर कराएगी।
शनिवार को तिलकराज शर्मा और अशोक राणा का रिमांड खत्म हो जाएगा। सीबीआई दोनों को जिला अदालत में पेश करेगी।
हाईप्रोफाइल केस और कई नए तथ्यों के सामने आने के बाद संभवतया: जांच एजेंसी उनका और रिमांड लेगी। वहीं सीबीआई रोजाना कई लोगों को पूछताछ के लिए बुला रही है और उनकी आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है।