एमबीबीएस कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया के लिए काउंसलिंग में फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र पेश करने के मामले में थाना सदर में मामला दर्ज हुआ है। प्राचार्य इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज प्रो. अशोक शर्मा की शिकायत पर यह केस दर्ज किया है। प्राचार्य ने छात्रा पर एमबीबीएस काउंसलिंग में फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र तैयार कर पेश किया है।
इसे छानबीन में फर्जी होने की शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राचार्य प्रो. अशोक शर्मा ने शिकायत में कहा है कि तीन सितंबर को आईजीएमसी में एमबीबीएस की काउंसलिंग हुई थी। इसमें एक छात्रा ने विकलांगों के लिए आरक्षित सीट पर प्रवेश के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र दिखाया। काउंसलिंग कमेटी को इसकी सत्यता पर शंका हुई तो इसकी जांच अपने स्तर पर की। इसमें यह फर्जी पाया गया।
छह सदस्यीय काउंसलिंग कमेटी को प्रमाण पत्र में दर्शाई गई विकलांगता और वास्तविकता में अंतर देखने को मिला। प्रमाण पत्र दस्तावेज में चिकित्सकों के हस्ताक्षर का मिलान कर शंका और बढ़ गई। इस पर कमेटी ने छात्रा से प्रमाण पत्र बनवाए जाने से संबंधित सवाल किए। इस संदेहास्पद मामले के बाद प्राचार्य ने इसे पुलिस में दर्ज करवाया है।
और मामले भी सामने आने की है संभावना
सदर थाना पुलिस में दर्ज फर्जी प्रमाण पत्र के मामले की जांच पुलिस करेगी। जांच के बाद ही साफ होगा कि यह प्रमाण पत्र कहां से बना था। प्रमाणपत्र जारी करने वाले मेडिकल बोर्ड में कौन चिकित्सक थे। पुलिस जिला स्वास्थ्य महकमा से संबंधित दस्तावेज ले कर जांच आगे बढ़ाएगी। इसमें ऐसे कुछ और मामले सामने आने की भी संभावना रहेगी।