रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और अध्यापक को एक दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद गुरुवार को दोबारा हमीरपुर कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। दोनों को विजिलेंस जांच में पूरा सहयोग करना पड़ेगा।
न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई भी फिलहाल टल गई है। दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिए 48 घंटे पूरे नहीं हुए थे। निर्धारित 48 घंटे पुलिस हिरासत में रहने पर सर्विस रूल के तहत कर्मचारी को निलंबित कर दिया जाता है।
अब शिक्षा विभाग पर निर्भर करता है कि रिश्वत जैसे संगीन आरोप में केस दर्ज होने के बाद विभाग क्या कार्रवाई अमल में लाता है। दूसरी तरफ विजिलेंस ने स्कूल में पहुंचकर फर्नीचर खरीद से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर की टीम ने मंगलवार 25 जून को एक सरकारी स्कूल में दबिश देकर हेडमास्टर से 21 हजार रुपये, जबकि अध्यापक से 8500 रुपये नकदी बरामद की थी।
पुलिस ने आरोपी स्कूल हेडमास्टर और अध्यापक को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। स्कूल के लिए 2 लाख 27 हजार रुपये में फर्नीचर खरीदा गया था। इसके बाद हेडमास्टर और अध्यापक ने फर्नीचर शोरूम मालिक से उन्हें 29,500 रुपये की रिश्वत देने की मांग की थी।
उधर, डीएसपी हमीरपुर बीडी भाटिया ने कहा कि सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और एक अध्यापक को वीरवार को दोबारा हमीरपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जमानत मिल गई है।