हिमाचल के किन्नौर जिला में वीरवार सुबह एक निजी बस के 700 मीटर गहरी खाई में गिरने से 23 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 16 लोगों को गंभीर रूप से चोटें आई है।
हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ जिस समय बस सांगला से कल्पा की ओर जा रही थी। इसी दौरान रूतरंग के पास बस अनियंत्रित होकर करीब 700 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे के समय बस में 39 लोग सवार बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन का दल घटना स्थल पर पहुंचा। रेस्क्यू टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां से गंभीर लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से शिमला भेजा गया।
इन मृतकों की हुई शिनाख्त
हादसे में भक्ति देवी (28) निवासी रिब्बा, अजीत कुमार निवासी कामरू, अच्छे लाल निवासी मुजफ्फरपुर बिहार, देन दोरमा निवासी पुर्वनी, कमला देवी पुर्नवी, देव मनी पौवारी, देव मनी सुद्धारंग, ओम प्रकाश (35) निवारी बरी, अमृत लाल (42) निवासी सांगला, छेरिंगपुर (75) निवासी सांगला, यशवंत सिंह (66) निवासी कनई गांव, संगती (25) साल उरनी नशाद (20) निवासी संगीतापुर यूपी, नवीन चंद (38) निवासी सांगला, टाशी छेरिंग (53) कामरू, बस का चालक महेंद्र (32) और उसका भाई परिचालक जय नंद (35) निवासी कल्पा की हादसे में मौत हो गई है।
घायलों को निकालने में आई परेशानी
पुलिस के अनुसार हादसा सांगला कड़छम मार्ग के बीच में हुआ है। बस के गहरी खाई में गिरने से पुलिस दल को घायलों को निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हादसे की सूचना मिलते ही एसपी किन्नौर राहुल नाथ सहित आला अफसर दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए। अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा।
क्या करें कौन बताएगा कैसे हुआ हादसा
किन्नौर के जस्पा में गिरी बस के हादसे की वजह क्या रही। इस बारे में पुलिस को दोपहर बाद तक भी कुछ पता नहीं था। पुलिस का कहना है कि मौके पर या तो ज्यादातर यात्री मारे जा चुके हैं या फिर इतने गंभीर रूप से घायल हैं कि बयान देने की हालत में नहीं है।
ऐसे में पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में असमर्थ है। मृतकों का पोस्टमार्टम मौके पर ही करवाया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि यहां से अस्पताल काफी दूर है और ऐसे में सभी शवों को वहां पहुंचाना मुमकिन नहीं है।
आए दिन हादसों में जा रही मासूमों की जान
हिमाचल प्रदेश में आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। इससे पूर्व शिमला के कढारघाट में बस हादसा होने से 21 लोगों की जान जा चुकी है।
सिरमौर मंडी, चंबा और कांगड़ा जिले में भी पिछले एक वर्ष में कई बस हादसे में हो चुके हैं। इसमें चालकों की लापरवाही और बसों में तकनीकी खराबी हादसे के मुख्य कारण रहे हैं।