दोस्ती में दगा कर युवक ने दोस्त के एटीएम से करीब पौने दो लाख रुपये उड़ा लिए। डेढ़ महीने में कई जगह से ट्रांजेक्शन की गई। अनपढ़ता के चलते बैंक की ओर से पीड़ित युवक को पैसे निकलने के मेसेज तो मिलते रहे लेकिन वो समझ नहीं सका। खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित युवक ने बैंक की डिटेल ली।
मामला पुलिस तक पहुंचा। हालांकि, दोस्त पैसे लौटाने को राजी हो गया है। इस पर पुलिस के सामने समझौता हो गया। खिलियां पंचायत के एक युवक की मस्तानपुरा पंचायत के युवक के दोस्ती हो गई। खिलियां का युवक के मजदूरी करता है। युवक के पिता सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका पैसे भी इसी अकाउंट में था।
अनपढ़ होने के कारण बैंक के मेसेज नहीं समझ सका पीड़ित
चार माह पहले मस्तानपुरा निवासी युवक ने दोस्त से एटीएम कार्ड बनाने की बात कही। दोनों एटीएम कार्ड बनाने नालगढ़ स्थित बैंक चले गए। एटीएम कार्ड बनने के बाद दोनों एटीएम मस्तानपुरा निवासी युवक ने अपने पास रख लिए। इसी बीच उसकी नीयत में खोट आ गया।
उसने दोस्त को बताया कि एटीएम कार्ड कहीं गुम हो गया है, और वह बैंक जाकर उसके एटीएम कार्ड को भी ब्लॉक करवा देगा, लेकिन कार्ड गुम नहीं हुआ था, उसे युवक ने छिपा लिया था, और उसके अकाउंट से पैसा निकालता रहा।
चार माह में निकाले 1.65 लाख रुपये
चार माह के दौरान उसने एक लाख 65 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित युवक को दोस्त पर शक हुआ और बात पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने जब पीड़ित युवक के दोस्त को पूछा तो उसने एटीएम से पैसे निकालने के बात कबूल ली।
इससे पहले पुलिस कोई कार्रवाई करती। युवक ने पुलिस के समक्ष समझौता कर लिया और निकाले गए पैसे लौटने के लिए राजी हो गया। डीएसपी खजाना राम ने समझौता होने की पुष्टि की है।