उल्लेखनीय है कि विजिलेंस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों भाई हेमराज और नारायण दास को सुंदरनगर और नेरचौक के बीच पकड़ा। दोनों भाई बुलेट में सवार थे और मौके पर विजिलेंस टीम पर दोनों ने हमला कर दिया। लेकिन दोनों को एएसपी विजिलेंस कुलभूषण की अगुवाई में धर दबोचा गया। दोनों से मौके पर चार किलोग्राम चरस और मोटरसाइकल बरामद किया था।
चरस के साथ धरे गए दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ में पता चला कि राम लाल निवासी पधर ड्रग तस्करी के नेटवर्क का मास्टर माइंड है, जो बंजार इलाके से चरस एकत्र करने के लिए सतेंद्र कुमार और देवेंद्र कुमार का इस्तेमाल करता है और दूसरे दलों को भी सप्लाई करता है। प्रयासों के बाद तीन को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी गिरफ्तारी के बाद से सभी पांच न्यायिक हिरासत में हैं। जांच से यह भी पता चला कि नारायण दास को पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के लिए गिरफ्तार किया गया था। मामले में वित्तीय जांच शुरू हुई तो पता चला कि हेमराज, नारायण दास और राम लाल ने चरस की तस्करी से वाहनों और अचल संपत्तियों का अधिग्रहण किया है। इन तीनों की करीब नब्बे लाख की संपत्ति को सीज किया गया है।