जिले के एक भूमि विकास बैंक के मैनेजर पर जमानतदारों से मिलकर 15.20 लाख की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस थाना जंजैहली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आगामी जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में 15.20 लाख के गबन का अनुमान है। पुलिस मामले में हर पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन कर दी है। पुलिस में शिकायतकर्ता चेतराम पुत्र स्वारु राम निवासी खरडान थानाशिवा ने कहा है कि घर की जरूरत के लिए वह दो लाख रुपये ऋण लेना चाहता था।
दो व्यक्तियों ने उसकी मुलाकात बैंक प्रबंधक से करवाई। इस संबंध में कई औपचारिकताएं पूरी करने के लिए वह शिमला गया। दोनों व्यक्ति जमानत देने को भी तैयार हो गए। कम पढ़ा लिखा होने के चलते ऋण संबंधित कई दस्तावेजों पर उसने हस्ताक्षर किए और जमीन के कागजात जमा करवा दिए।
शिमला से लौटने के बाद प्रबंधक ने बतौर ऋण सिक्योरिटी ब्लैंक चेक (खाली चेक) देने के लिए कहा। बैंक मैनेजर के कहने पर 14 खाली चेक सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाए।
आरोप है कि जमीन के कागजातों पर शातिरों ने लाखों का ऋण मंजूर करवा लिया और निकाल भी लिया। एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही मामले को लेकर तस्वीर साफ हो पाएगी।
ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
धोखाधड़ी का सच उस वक्त सामने आया जब 26 मार्च 2019 को चैलचौक सब्जी मंडी में चाय की दुकान करने वाले चेतराम के पास नए मैनेजर 31 मार्च तक ऋण की किस्त जमा करवाने के सिलसिले में वसूली के लिए पहुंच गए। बैंक अधिकारी ने कहा कि आपके खाते में 16 लाख से अधिक का ऋण है।