पीड़िता के मासी के बेटी और उसके रिश्तेदार ने 26 जनवरी को ही जालंधर आ गए। उन्होंने मनी व प्रीत को लड़की को और उसका घर दिखाया। तीन दिन तक रोजाना चारों लोग लुधियाना से बाइक पर जालंधर आते रहे और लड़की की रैकी करते रहे।
29 जनवरी को मनी व प्रीत ने लुधियाना से टायलेट क्लीनर खरीदा था और जालंधर में पीएपी चौक पर लड़की के चेहरे पर फेंक दिया। इसके बाद चारों लोग लुधियाना फरार हो गए और वहां से मुख्य आरोपी मासी का बेटा बाइक पर हिमाचल चला गया।
कमिश्नर भुल्लर के मुताबिक, मुख्य आरोपी बीएसएफ का कर्मचारी है और चोट लगने के कारण छुट्टी पर आया था। पीड़ित लड़की अब आरोपी से बात भी नहीं करती थी। उसने आरोपी का नंबर भी ब्लाक कर दिया था। जिससे आरोपी गुस्से में आ गया और मासी की बेटी को सबक सिखाने के लिए पूरा साजिश रची।
पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके रिश्तेदार को हिमाचल से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मनी को लुधियाना से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रीत अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।