सब जेल हमीरपुर में एक कैदी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टांडा रेफर कर दिया गया। हालांकि, जेल प्रबंधन ने कैदी के सीने में दर्द उठने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया, लेकिन कैदी के जहरीला पदार्थ निगलने से जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं।
सुरेंद्र कुमार निवासी नादौन चोरी का दोषी साबित होने पर सब जेल हमीरपुर में चार साल की सजा काट रहा है। सुरेंद्र की दो साल की सजा पूरी हो चुकी है। जेल में सुरेंद्र ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। तबीयत बिगड़ी तो जेल प्रबंधन उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर ले आया। प्राथमिक उपचार के बाद भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया तो उसे टांडा रेफर कर दिया।
जेल प्रबंधन ने कैदी के जहरीला पदार्थ निगलने पर चुप्पी साध ली। उल्टे मामले को दबाने के लिए कैदी के सीने में अचानक दर्द उठने का हवाला दे रहा है। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन कैदी के जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि कर रहा है। ऐसे में जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।
जेल प्रभारी संजीव परमार का कहना है कि कैदी के जहरीला पदार्थ निगलने के बारे में चिकित्सक ही बता सकते हैं। कैदी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया है। एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि कैदी ने कोई जहरीला पदार्थ खाया है जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ी। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया है।