प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ लगते जंगल में गौसदन के पशुओं के लिए चारा लाने गया कैदी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। जवानों के सामने कैदी सुबह 11 बजे जंगल के रास्ते भागा। कैदी को पकड़ने के लिए जेल विभाग और पुलिस जवानों ने तमाम रास्तों में नाकाबंदी कर दी है।
पुलिस ने कैदी के घर ज्वाली भी पता किया लेकिन वह वहां भी नहीं है। बताया जा रहा है कि कैदी गुरुचरण सिंह लड़ाई-झगड़े के मामले में सजा काट रहा था। गुरुचरण को ओपन एयर जेल में रखा गया था। इस दौरान वह जेल के साथ बने गौसदन में भी काम करता था।
सोमवार सुबह साढ़े दस बजे गुरुचरण सिंह गौसदन से घास लाने स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ लगते जंगल में गया था। उसके साथ एक वार्डन और अन्य लोग भी थे। जंगल में घास और ऊंचाई का फायदा उठाकर कैदी जंगल के रास्ते भाग गया। सूत्रों के अनुसार कैदी ने वार्डन और अन्य को यह कहकर रोका था कि वह पशुओं के लिए बढ़िया चारा काटकर लाएगा।
जब कैदी काफी देर तक वापस नहीं आया तो इसकी सूचना जेल विभाग को दी गई। जेल विभाग ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस जवान और जेल वार्डन ने सकोह के आसपास के जंगलों में तलाश की। खबर लिखे जाने तक कैदी की कोई सूचना नहीं मिल पाई थी।
जेल विभाग के अधीक्षक सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि कैदी की तलाश जारी है। कैदी गुरुचरण सिंह मार्च 2014 में धर्मशाला जेल लाया गया था। जेल में उसके महज सजा के सात माह बचे थे। इससे पहले गुरुचरण का व्यवहार सामान्य होने के कारण उसे मुक्त कारागार में भेजा गया था।