जांच में पाया गया कि कंपनी के निष्कासित कर्मचारी संजीव कुमार ने डाटा डिलीट किया है। एक अन्य मामले में रामपुर निवासी सूरतराम ने खाते से 3,50,000 रुपये निकाले जाने का मामला साइबर थाना में दर्ज करवाया। जांच में पाया गया कि यह राशि शिकायतकर्ता के मोबाइल का उपयोग कर उसके भाई के बेटे ललित ने निकाली है। एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर राठौर ने बताया कि लोगों को अपने नेट बैंकिंग के एक्सेस की जानकारी को बेहद सुरक्षित रखना चाहिए। आज के दौर में लोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर से बैंकिंग करते हैं।
ऐसे में उन्हें उपकरणों पर हमेशा सुरक्षित पासवर्ड लगा कर रखना चाहिए। उसकी जानकारी किसी को नहीं देनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया व इंटरनेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर, जन्मतिथि या नाम को पासवर्ड न रखें। साइबर थाना शिमला में साइबर अपराधों से संबधित 1638 शिकायतें वर्ष 2019 में तथा वर्ष 2020 में अब तक कुल 1264 शिकायतें मिली हैं। साइबर थाना ने अब तक लगभग 25 लाख रुपये शिकायत कर्ताओं के खातों में रिफंड करवाए हैं।