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खुलासा: हिमाचल के एकमात्र एक्सीलेंस कॉलेज में 80 लाख का घपला

Thu, 30 Jun 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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संजौली कॉलेज शिमला - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के एकमात्र सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में 80 लाख रुपये का घपला हुआ है। कॉलेज में ढाई साल तक कैश बुक नहीं भरी गई। विभिन्न सामानों की खरीद, हॉस्टल फीस, बिलों और सरकार से मिली ग्रांट की राशि में यह गबन किया गया है।
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कॉलेज से सस्पेंड हो चुके सीनियर असिस्टेंट पर लगे आरोप जांच में सही साबित हुए हैं। बुधवार को ज्वाइंट कंट्रोलर वित्त ने 20 पन्नों की जांच रिपोर्ट और साक्ष्य के रूप में जुटाए 200 दस्तावेज अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा और शिक्षा निदेशक को सौंप दी है।
 
उल्लेखनीय है कि ढाई साल कैश बुक नहीं भरने की शिकायत मिलने पर शिक्षा निदेशालय ने बीते मई महीने में इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान ही सीनियर असिस्टेंट को सस्पेंड कर दिया था। घोटाले में कॉलेज के कई अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता का अंदेशा भी जांच रिपोर्ट में जताया गया है।
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ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

पूर्व प्रधानाचार्य जेसी नेगी ने कुछ समय पूर्व सीनियर असिस्टेंट से कैश बुक का ब्योरा मांगा था। अधिकारी ने रिकॉर्ड मेंटेन करने के लिए कुछ समय मांगा था। इसी बीच मामला उच्च शिक्षा निदेशालय पहुंच गया।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. दिनकर बुराथोकी ने मामले की जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में सीनियर असिस्टेंट पर लगे आरोप सही पाए गए, जिस आधार पर अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया।
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कई और अफसरों पर भी गिरेगी गबन की गाज

कॉलेज के कई और अफसरों पर भी गबन की गाज गिरेगी। कॉलेज से स्थानांतरित हो चुके प्रिंसिपलों सहित लेखा शाखा के अफसरों से जवाब तलब हो सकता है। डीडीओ पावर वाले अफसर भी जांच के दायरे में आएंगे।

नियमानुसार कॉलेज प्रशासन को हर खरीद का कैश बुक में ब्योरा देना पड़ता है। बजट कहां से आया, बजट को कहां खर्च किया गया इसकी पूरी जानकारी कैश बुक में होनी चाहिए। बीते ढाई साल तक कैश बुक क्यों नहीं भरी गई? इसकी जांच क्यों नहीं हुई? इन बिंदुओं पर अब जांच होनी है।

Published By Ashok Chauhan
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