अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
आईजीएमसी में भर्ती मरीज से मिलने आए परिजनों और सिक्योरिटी गार्ड के बीच बहस होने के बाद पुलिस ने सुरक्षा गार्डों पर डंडे बरसा दिए। इसमें चार सुरक्षा कर्मी घायल हो गए हैं। परिजनों से बहस होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया लेकिन पुलिस ने सुरक्षा गार्डों पर ही डंडे चला दिए। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इस कारण मामला भी दर्ज नहीं हो पाया है। वारदात सोमवार देररात को पेश आई। मंगलवार को सुरक्षा गार्डों ने अस्पताल में ड्यूटी नहीं दी। इस कारण यहां व्यवस्था भी चरमरा गई। जानकारी के अनुसार ईएनटी वार्ड में भर्ती मरीज के मिलने तीन परिजन सोमवार देर शाम आए। मरीज का रविवार को मोबाइल चोरी हो गया था। इस संबंध में परिजनों ने तैनात सिक्योरिटी गार्ड से पूछा। गार्ड ने कहा कि यहां मरीज और तीमारदार आते रहते हैं, सभी की जेबों की तलाशी संभव नहीं है। इस पर मरीज के परिजन भड़क गए और सिक्योरिटी गार्ड से उलझ पड़े। उनमें झड़प हो गई। इसी बीच अन्य सिक्योरिटी गार्ड भी पहुंच गए तो परिजन खिसकने लगे। सूचना अस्पताल प्रबंधन को भी दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया। परिजन गेट तक भाग आए लेकिन यहां सिक्योरिटी गार्डों ने उन्हें रोक लिया। पुलिस भी पहुंच गई। सिक्योरिटी गार्ड ने आरोप लगाया कि परिजनों में एक पुलिस कर्मचारी है। उसने और अन्य ने गेट के पास डंडे बरसा दिए। इसमें चार सिक्योरिटी गार्ड घायल हुए हैं। सिर और टांगों में चोटें आई हैं। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौते में कहा कि गलतफहमी के कारण बहस हो गई। समझौतानामा में कहा गया है कि दोनों एक दूसरे के प्रति गलतफहमी नहीं रखेगा। अगर ऐसा होता है तो कार्रवाई होगी।
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पुलिस को किया सूचित : रमेश
आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने बताया कि देर रात हंगामे की सूचना मिली थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया था। हंगामा होने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
-डॉ. रमेश शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी
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क्या था मामला
ईएनटी वार्ड में उपचार करवा रहे मरीज का रविवार को मोबाइल फोन चोरी हो गया था। आईजीएमसी सिक्योरिटी के प्रधान देवराज ने बताया कि सोमवार देर रात मरीज के तीन परिजन मिलने के लिए अस्पताल आए थे। इनमें से मरीज का परिजन पुलिस में है। सुरक्षा गार्ड से बात करने पर वे उलझ पड़े। बाद में पुलिस वालों ने भी उनका साथ दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और उन्होंने मारपीट कर दी।
और हो गया समझौता
देर रात लंबे हंगामे के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसमें दोनों ने माना है कि किसी गलतफहमी के कारण आपस में बहसबाजी हो गई थी। समझौता नामा में कहा गया है कि दोनों एक दूसरे के प्रति गलतफहमी नहीं रखेगा। अगर ऐसा होता है तो कार्रवाई होगी।
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