बैंक के एजीएम के कंप्यूटर से पासवर्ड चुराकर एक कर्मचारी ने 58 लाख का गबन कर डाला। मामला अब पकड़ा गया है। मामला हिमाचल के कांगड़ा का है। यहां डमटाल में केसीसी बैंक इंदौरा में 58 लाख 50 हजार रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है।
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इंदौरा थाना में बैंक की असिस्टेंट जनरल मैनेजर जोनल दफ्तर नूरपुर ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है। बैंक की मैनेजर पुष्प रेणु शर्मा जोनल ऑफिस नूरपुर ने राजेश कुमार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नूरपुर शाखा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
इसके अलावा सीमा देवी पत्नी राजेश कुमार निवासी पठानकोट और उसकी बहन मोनिका देवी पत्नी पवन कुमार और मोनिका देवी के पति पवन कुमार निवासी इंदौरा के खिलाफ 58 लाख 50 हजार रुपये का कथित रूप से गबन करने को लेकर खिलाफ इंदौरा थाना में 17 मई को शिकायत पत्र दिया था।
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ऐसे पकड़ा गया आरोपी का कारनामा
बैंक में हुई बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए बैंक की आंतरिक विजिलेंस टीम को इस बारे तफ्तीश करने के लिए कहा गया।
- फोटो : Demo pic
पुलिस जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को सीमा देवी पत्नी राजेश कुमार निवासी पठानकोट ने अपने केसीसी बैंक इंदौरा शाखा के खाते का 49 हजार रुपये का चेक ब्रांच ऑफिस नूरपुर से कैश करवाया।
इस चेक को कैश करवाने के दौरान नूरपुर शाखा के जूनियर क्लर्क दिलीप कुमार ने सबसे पहले इस धोखाधड़ी को पकड़ा। कर्मचारी ने पाया कि सीमा देवी के खाते में हेड ऑफिस धर्मशाला से खाता नंबर 97860000760 से करीब 58 लाख 50 हजार रुपये की धन राशि की ट्रांजेक्शन की गई।
बैंक में हुई बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए बैंक की आंतरिक विजिलेंस टीम को इस बारे तफ्तीश करने के लिए कहा गया। विजिलेंस ने तफ्तीश में पाया कि 22 अप्रैल को सुबह 9:20 से लेकर सुबह 9:40 बजे के बीच यह ट्रांजेक्शन की गई।
बैंक में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश कुमार ने कथित रूप से धोखाधड़ी करते हुए असिस्टेंट जनरल मैनेजर नूरपुर के कंप्यूटर से उनकी गैर मौजूदगी में गलत तरीके से पासवर्ड लगा कर खाता नंबर 97860000760 से 58 लाख 50 हजार रुपये की राशि सीमा देवी के खाते में ट्रांजेक्शन कर दी।
आरोपी ने किया सबूत मिटाने का प्रयास
नूरपुर की शाखा से ही सीमा देवी के खाते से 2 ट्रांजेक्शन के सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
- फोटो : Demo pic
इसके बाद 30 अप्रैल को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच नूरपुर की शाखा से ही सीमा देवी के खाते से 2 ट्रांजेक्शन के सबूत मिटाने का प्रयास किया गया। तहकीकात के दौरान नूरपुर बैंक की अधिकारी द्वितीय श्रेणी मीना देवी ने बताया कि राजेश कुमार ने एजीएम जोनल ऑफिस नूरपुर के मैनेजर के कंप्यूटर का इस्तेमाल किया था।
बैंक की आंतरिक विजिलेंस टीम ने रिपोर्ट पेश की, जिसमें सीमा देवी के खाते में 58 लाख 50 हजार रुपये की धन राशि 22 अप्रैल को रजेश कुमार ने दोबारा गलत तरीके से हेड ऑफिस धर्मशाला के खाते से ट्रांजेक्शन की।
25 अप्रैल को सीमा देवी ने अपने खाते से 6 लाख की राशि ढांगू पीर की बैंक की शाखा से चेक के जरिये निकाली। वहीं 29 अप्रैल को सीमा देवी ने 49 हजार रुपये की धन राशि चेक से बैंक की शाखा जसूर से निकलवाई।
अकाउंट में पैसा आने के बाद से आरोपी जमकर पैसे निकालते रहे।
29 अप्रैल को ही पवन कुमार ने बैंक की ठाकुरद्वारा की शाखा से 50 हजार रुपये की धनराशि सीमा देवी के खाते से निकलवाई। इसी दिन पवन कुमार ने 49 हजार रुपये गंगथ बैंक की शाखा से सीमा देवी के खाते से निकलवाई।
30 अप्रैल को ही सीमा देवी की बहन मोनिका देवी पत्नी पवन कुमार ने 49 हजार रुपये की राशि चेक से बैंक की शाखा जसूर से निकलवाई। नूरपुर के डीएसपी मोहिंद्र सिंह मन्हास और इंदौरा थाना के अतिरिक्त प्रभारी चैन सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।